कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने दिलाया भारत को सिल्वर मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए

हरजिंदर कौर का दमदार प्रदर्शन: वेटलिफ्टिंग में भारत को सिल्वर मेडल
- गुलवीर सिंह की रफ्तार: 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर जीत
- भारत का डबल सिल्वर: वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स में चमके खिलाड़ी
ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए।
महिला वेटलिफ्टिंग (69 किग्रा वर्ग) में हरजिंदर कौर ने कुल 227 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने स्नैच में 101 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने 240 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की न्या फीबे हेमैन ने 218 किग्रा के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया। पंजाब के मेहास गांव की रहने वाली हरजिंदर ने बचपन से आर्थिक संकटों का सामना किया, लेकिन कठिन परिश्रम और ग्रामीण जीवन की शारीरिक मेहनत ने उनकी ताकत को निखारा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने का अवसर दिया।
वहीं पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने 27:49.78 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल हासिल किया। गोल्ड ऑस्ट्रेलिया के काइ रॉबिन्सन को मिला और ब्रॉन्ज आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने जीता। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव से ताल्लुक रखने वाले गुलवीर भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। उन्होंने गांव की सड़कों और खेतों पर दौड़ते हुए अपनी एथलेटिक यात्रा शुरू की और आज एशिया के प्रमुख लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के रूप में स्थापित हो चुके हैं।
भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में यह सातवां मेडल है, जिसमें एक गोल्ड, पांच सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल हैं। वहीं एथलेटिक्स में गुलवीर की सिल्वर जीत ने देश की उम्मीदों को नई उड़ान दी है। इन दोनों उपलब्धियों ने साबित किया है कि भारतीय खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों से निकलकर भी विश्व मंच पर अपनी ताकत और प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।


