भारत में पहली बार होगा बिग बैश लीग का मुकाबला, चेपॉक में भिड़ेंगे मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के तीसरे और अंतिम दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा की। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी मौजूद रहे।

मेलबर्न/नई दिल्ली: क्रिकेट इतिहास में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित बिग बैश लीग (BBL) का आधिकारिक मुकाबला भारत में आयोजित किया जाएगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेल सहयोग को नई दिशा देते हुए 12 दिसंबर 2026 को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। यह किसी विदेशी फ्रेंचाइजी टी-20 लीग का भारत में आयोजित होने वाला पहला आधिकारिक मैच होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान की गई, जिसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के खेल संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने मेलबर्न में किया ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के तीसरे और अंतिम दिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा की। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी मौजूद रहे। घोषणा के अनुसार, 12 दिसंबर को होने वाला मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 2:40 बजे शुरू होगा। मैच को भारत में जियोहॉटस्टार पर प्रसारित किया जाएगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया में इसके आधिकारिक प्रसारण की जिम्मेदारी फॉक्स क्रिकेट और चैनल सेवन संभालेंगे। दोनों प्रसारण संस्थान अपने कमेंट्री पैनल को भी चेन्नई भेजेंगे।
चेपॉक बनेगा मेलबर्न रेनेगेड्स का होम ग्राउंड
इस विशेष मुकाबले के लिए चेन्नई का ऐतिहासिक चेपॉक स्टेडियम मेलबर्न रेनेगेड्स का अस्थायी होम ग्राउंड होगा। आमतौर पर यह टीम अपने घरेलू मैच मेलबर्न में खेलती है, लेकिन भारत में आयोजित इस मुकाबले के लिए चेपॉक को उसका होम वेन्यू घोषित किया गया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि भारत जैसे विशाल क्रिकेट बाजार में लीग के आयोजन से BBL की वैश्विक पहुंच और लोकप्रियता को नया विस्तार मिलेगा।
15 साल के इतिहास में पहली बार ऑस्ट्रेलिया से बाहर BBL
बिग बैश लीग की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी और अब तक इसके सभी मुकाबले ऑस्ट्रेलिया में ही आयोजित होते रहे हैं। लगभग 15 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब लीग का कोई आधिकारिक मैच ऑस्ट्रेलिया से बाहर खेला जाएगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसे अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। बोर्ड का मानना है कि भारत में मैच आयोजित होने से दोनों देशों के क्रिकेट संबंध और मजबूत होंगे तथा लीग को नए दर्शक और व्यावसायिक अवसर मिलेंगे।
'G'Day Namaste' फेस्टिवल की होगी शुरुआत
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि चेन्नई में होने वाला यह मुकाबला सप्ताहभर चलने वाले 'G'Day Namaste' फेस्टिवल का उद्घाटन करेगा। इस आयोजन के दौरान खेल, संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा और व्यापार से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संबंध मजबूत करने का भी प्रभावी माध्यम है।
खेल सहयोग के लिए नया रोडमैप
इस अवसर पर भारत और ऑस्ट्रेलिया ने India-Australia Sports Collaboration Roadmap भी लॉन्च किया। इस रोडमैप के तहत दोनों देश खेल विज्ञान, कोचिंग, खेल अवसंरचना, बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी, खेल पर्यटन, निवेश और खेल उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे। दोनों सरकारों का उद्देश्य खेल क्षेत्र को रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है, जिससे खिलाड़ियों, संस्थाओं और खेल उद्योग को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक पर भी बोले प्रधानमंत्री
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की भविष्य की खेल योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए भी प्रयासरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेल अवसंरचना, प्रतिभा विकास और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के आयोजन की क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। उनका मानना है कि बड़े खेल आयोजन देश के आर्थिक विकास, पर्यटन और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्रिकेट संबंधों को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बिग बैश लीग का पहला मुकाबला केवल एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते खेल सहयोग का प्रतीक भी है। यदि यह आयोजन सफल रहता है तो भविष्य में अन्य अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी लीगों के मुकाबले भी भारत में आयोजित होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। साथ ही इससे दोनों देशों के बीच खेल, व्यवसाय और सांस्कृतिक सहयोग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।


