BCCI में बड़ा बदलाव? मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण पर मंथन
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के भीतर यह धारणा है कि वीवीएस लक्ष्मण का खिलाड़ियों के बीच सम्मान और प्रभाव अधिक है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी भी उनकी बात को गंभीरता से लेते हैं। यही वजह है कि उन्हें मुख्य चयनकर्ता बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में मुख्य चयनकर्ता के पद को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। पहले माना जा रहा था कि 2027 वनडे विश्व कप तक उन्हें विस्तार मिल जाएगा, लेकिन इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर हुए विवाद के बाद बोर्ड के भीतर नए विकल्पों पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (पूर्व राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी) के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
अगरकर के विस्तार पर क्यों उठे सवाल?
अजीत अगरकर का मूल कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो गया था, लेकिन BCCI ने उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया। शुरुआत में बोर्ड उनके कार्यकाल को जून 2027 तक बढ़ाने पर विचार कर रहा था ताकि 2027 वनडे विश्व कप तक चयन प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहे। हालांकि हाल के घटनाक्रमों के बाद बोर्ड के कुछ पदाधिकारी नए नेतृत्व की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के दौरान दूसरे वनडे से पहले रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर खबरें सामने आईं कि यह उनका अंतिम वनडे हो सकता है। इसके बाद BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जब तक रोहित टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं, तब तक वह टीम में बने रहेंगे। इस बयान और उसके बाद रोहित के शतक ने चयन प्रक्रिया को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया।
वीवीएस लक्ष्मण क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार?
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के भीतर यह धारणा है कि वीवीएस लक्ष्मण का खिलाड़ियों के बीच सम्मान और प्रभाव अधिक है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी भी उनकी बात को गंभीरता से लेते हैं। यही वजह है कि उन्हें मुख्य चयनकर्ता बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हेड ऑफ क्रिकेट हैं। उनकी जिम्मेदारियों में राष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रमों की निगरानी, अंडर-19 खिलाड़ियों का विकास, कोचिंग संरचना, शिक्षा कार्यक्रम और स्पोर्ट्स साइंस विभाग के बीच समन्वय शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में वह कई विदेशी दौरों पर भारत की दूसरी टीम के मुख्य कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। हाल ही में जिंबाब्वे दौरे पर भी उन्होंने कार्यवाहक मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली थी।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज तय कर सकती है भविष्य
BCCI के भीतर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली बोर्ड की वार्षिक आम सभा (AGM) में इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज का प्रदर्शन भी अहम माना जा रहा है। यदि भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो अगरकर को एक साल का विस्तार मिलने की संभावना बनी रह सकती है। सूत्रों के अनुसार, अगरकर स्वयं भी 2027 वनडे विश्व कप तक इस पद पर बने रहना चाहते हैं, लेकिन बोर्ड की ओर से उन्हें अब तक कोई औपचारिक आश्वासन नहीं मिला है।
मुख्य चयनकर्ता को कितनी मिलती है सैलरी?
वर्तमान में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को सालाना तीन करोड़ रुपये का वेतन मिलता है। कुछ वर्ष पहले तक यह राशि एक करोड़ रुपये थी, जिसे बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये किया गया था। ऐसे में यदि वीवीएस लक्ष्मण इस पद पर नियुक्त होते हैं तो उन्हें भी लगभग इतनी ही वार्षिक सैलरी मिलने की संभावना है।
रोहित शर्मा को लेकर मतभेद गहराए
रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बोर्ड और चयन तंत्र के भीतर मतभेद सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ चयनकर्ताओं का मानना है कि टीम को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी के लिए नए खिलाड़ियों को अवसर देना चाहिए। वहीं, BCCI के कुछ अधिकारी सार्वजनिक प्रतिक्रिया और टीम संतुलन को ध्यान में रखते हुए अलग रुख अपनाने के पक्ष में हैं। इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित के संभावित संन्यास की खबर सामने आने और उसके बाद उनके 138 रन की पारी खेलने से यह विवाद और बढ़ गया।


