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बैडमिंटन वर्ल्ड कप: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब; जानिए किस-किस देश के नाम रहे अन्य टाइटल

बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का समापन रविवार को कई नए रिकॉर्ड्स के साथ हुआ। थॉम गिक्वेल/डेल्फिन डेलरू की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ने फ्रांस के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता और एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया। वहीं, कोरिया की एन से यंग ने विमेंस सिंगल्स में अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीता।

बैडमिंटन वर्ल्ड कप: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब; जानिए किस-किस देश के नाम रहे अन्य टाइटल
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नई दिल्ली। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का समापन रविवार को कई नए रिकॉर्ड्स के साथ हुआ। थॉम गिक्वेल/डेल्फिन डेलरू की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ने फ्रांस के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता और एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया। वहीं, कोरिया की एन से यंग ने विमेंस सिंगल्स में अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीता।

पिछले संस्करण में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले गिक्वेल और डेलरू ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में एक कदम आगे बढ़ते हुए चीन के टॉप सीड फेंग यान शे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर इतिहास रचा। यह मुकाबला 1 घंटे 18 मिनट तक चला।

लैनियर ने जापान के कोडाई नारोका को 50 मिनट तक चले मुकाबले में 21-11, 21-11 से मात दी, जिसके साथ फ्रांस एक ही एडिशन में एक से ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने वाला दूसरा यूरोपीय देश बना।

फ्रांस की तरह कोरियाई टीम भी दो गोल्ड मेडल के साथ घर लौट रही है। विमेंस वर्ल्ड नंबर 1 एन से यंग ने मौजूदा चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से मात देकर टाइटल अपने नाम किया, जबकि बेक हा ना/ली सो ही ने चीनी टॉप सीड लियू शेंग शू/टैन निंग को 21-15, 21-15 से हराकर विमेंस डबल्स खिताब का 31 साल का इंतजार खत्म किया। कोरिया ने आखिरी बार 1995 में विमेंस डबल्स खिताब जीता था। ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को भी उनके ब्रॉन्ज मेडल मिले। ली 32 साल और 70 दिन की उम्र में सबसे उम्रदराज विमेंस डबल्स वर्ल्ड चैंपियन बनीं।

विमेंस सिंगल्स फाइनल में, एन ने 17-17 के स्कोर से लगातार चार प्वाइंट्स जीतकर पहला गेम अपने नाम किया और फिर दूसरे गेम को 21-14 से जीता। वहीं, मेंस सिंगल्स फाइनल में, पहले गेम में 7-9 से पीछे रहने के बाद लैनियर ने जोरदार वापसी की और अगले 14 में से 13 प्वाइंट्स जीतकर मैच पर अपनी पकड़ बनाई। दूसरे गेम में फ्रांसीसी खिलाड़ी को कोई परेशानी नहीं हुई और 14-11 के स्कोर से लगातार सात प्वाइंट्स जीतकर फ्रांस के पहले मेंस सिंगल्स चैंपियन बने।

साल 1983 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में शामिल होने के बाद से कम से कम एक टाइटल जीतने का चीन का रिकॉर्ड दांव पर था। ऐसे में तीसरी वरीयता प्राप्त लियांग वेई केंग और वांग चांग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलेशिया के पूर्व चैंपियन आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-16, 21-17 से मात देकर इस सिलसिले को बरकरार रखते हुए मेंस डबल्स का खिताब जीता। यह लियांग और वांग का पहला वर्ल्ड टाइटल था।


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