Top
Begin typing your search above and press return to search.

पिता राहुल द्रविड़ की झलक दिखी बेटे अन्वय में, श्रीलंका U-19 के खिलाफ जुझारू पारी से भारत को संकट से निकाला

ऐसे समय में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने उतरे अन्वय द्रविड़ ने जिम्मेदारी संभाली और संयम के साथ तेज रन गति बनाए रखी। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए टीम की पारी को संभाला और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया।

पिता राहुल द्रविड़ की झलक दिखी बेटे अन्वय में, श्रीलंका U-19 के खिलाफ जुझारू पारी से भारत को संकट से निकाला
X

हंबनटोटा (श्रीलंका)। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ ने अपने करियर में कई बार टीम इंडिया को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला था। अब उनके बेटे अन्वय द्रविड़ ने भी उसी अंदाज की झलक दिखाई है। श्रीलंका अंडर-19 टीम के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में अन्वय ने शानदार 87 रन की पारी खेलकर भारत को शुरुआती झटकों से उबारा। यह उनके अंडर-19 करियर की अब तक की सबसे बड़ी पारी भी रही।

टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद संभाली पारी

हंबनटोटा में खेले गए मुकाबले में भारत अंडर-19 ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने 100 रन का आंकड़ा पार करने से पहले ही अपने चार प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। शुरुआती बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने से भारतीय टीम दबाव में आ गई थी। ऐसे समय में मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने उतरे अन्वय द्रविड़ ने जिम्मेदारी संभाली और संयम के साथ तेज रन गति बनाए रखी। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए टीम की पारी को संभाला और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया।

अर्जुन राजपूत के साथ की शतकीय साझेदारी

अन्वय द्रविड़ को दूसरे छोर से अर्जुन राजपूत का अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 145 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। जब दोनों क्रीज पर आए थे, तब भारत का स्कोर चार विकेट पर केवल 81 रन था। उनकी साझेदारी की बदौलत टीम का स्कोर 226 रन तक पहुंच गया और भारत मजबूत स्थिति में आ गया। यह साझेदारी तब टूटी, जब अर्जुन राजपूत 76 रन बनाकर रन आउट हो गए। उनकी पारी ने भी भारत की वापसी में अहम भूमिका निभाई।

करियर का पहला अर्धशतक, फिर सबसे बड़ी पारी

इस मुकाबले में अन्वय द्रविड़ ने अपने अंडर-19 वनडे करियर का पहला अर्धशतक भी लगाया। उन्होंने केवल 47 गेंदों में 50 रन पूरे किए। अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान उन्होंने चार चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद भी उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और शतक की ओर बढ़ते नजर आए। हालांकि, वह अपने पहले शतक से 13 रन दूर रह गए। अन्वय 67 गेंदों में 87 रन बनाकर आउट हुए। इस दौरान उन्होंने तेज स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते हुए भारतीय पारी को मजबूती दी। यह उनके अंडर-19 करियर की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी बन गई।

पिता की शैली की दिखी झलक

राहुल द्रविड़ को क्रिकेट जगत में उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और संकटमोचक भूमिका के लिए जाना जाता है। श्रीलंका के खिलाफ इस मुकाबले में अन्वय की बल्लेबाजी में भी वही संयम और जिम्मेदारी देखने को मिली। कठिन परिस्थिति में क्रीज पर टिककर टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा। हालांकि, अन्वय की बल्लेबाजी शैली अपने पिता से अलग अधिक सकारात्मक और आक्रामक नजर आई, लेकिन टीम के दबाव को कम करने और पारी को संभालने का उनका तरीका राहुल द्रविड़ की याद दिलाता है।

पहले मैच में नहीं चला था बल्ला

श्रीलंका दौरे पर ही अन्वय द्रविड़ ने भारत अंडर-19 टीम के लिए वनडे प्रारूप में पदार्पण किया है। पहले मुकाबले में वह केवल 14 रन बनाकर आउट हो गए थे और बड़ी पारी खेलने से चूक गए थे। दूसरे मैच में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए साबित कर दिया कि उनमें लंबी और प्रभावशाली पारियां खेलने की क्षमता है।

भविष्य के लिए मजबूत संकेत

श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 87 रन की पारी सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय जूनियर क्रिकेट के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। दबाव में मैच की दिशा बदलने वाली यह पारी बताती है कि अन्वय द्रविड़ में बड़े मंच पर जिम्मेदारी निभाने का माद्दा है। यदि वह इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और भरोसेमंद बल्लेबाज मिल सकता है। फिलहाल, इस पारी ने इतना जरूर साबित कर दिया है कि राहुल द्रविड़ की विरासत को आगे बढ़ाने की क्षमता उनके बेटे में भी दिखाई देने लगी है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it