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अभिषेक शर्मा ने संजू सैमसन की जमकर की तारीफ, वैभव सूर्यवंशी के लिए जगह छोड़ना बताया बड़ी बात

भारतीय टीम में खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल और एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की भावना की चर्चा करते हुए अभिषेक शर्मा ने कहा कि संजू सैमसन ने जिस तरह वैभव सूर्यवंशी के लिए अपना स्थान छोड़ा, वह काबिलेतारीफ है। उनके मुताबिक, बल्लेबाजी में अपनी पसंदीदा जगह छोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता।

अभिषेक शर्मा ने संजू सैमसन की जमकर की तारीफ, वैभव सूर्यवंशी के लिए जगह छोड़ना बताया बड़ी बात
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वेलिंगटन : भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में छह विकेट से जीत दर्ज की। इस मैच में अभिषेक शर्मा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने दर्शकों का ध्यान खींचा। अभिषेक ने महज 38 गेंदों में 113 रन की तूफानी पारी खेली, जबकि 15 वर्षीय सूर्यवंशी ने 45 रन बनाए। दोनों के बीच सात ओवर में 133 रन की साझेदारी हुई। हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन के बीच अभिषेक ने अपने नियमित ओपनिंग जोड़ीदार संजू सैमसन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने सूर्यवंशी को मौका देने के लिए अपना पसंदीदा बल्लेबाजी क्रम छोड़ने के सैमसन के फैसले को टीम भावना की मिसाल बताया।

संजू सैमसन के फैसले ने जीता अभिषेक का दिल

भारतीय टीम में खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल और एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की भावना की चर्चा करते हुए अभिषेक शर्मा ने कहा कि संजू सैमसन ने जिस तरह वैभव सूर्यवंशी के लिए अपना स्थान छोड़ा, वह काबिलेतारीफ है। उनके मुताबिक, बल्लेबाजी में अपनी पसंदीदा जगह छोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। अभिषेक ने बीसीसीआई टीवी पर सूर्यवंशी से बातचीत के दौरान कहा कि संजू भाई के फैसले से उनके जज्बे का पता चलता है। उन्होंने कहा कि टीम में हर खिलाड़ी निस्वार्थ भाव से काम कर रहा है और एक-दूसरे की सफलता से खुश होता है। अभिषेक के अनुसार, यही किसी मजबूत और शीर्ष टीम की पहचान है।

सैमसन ने पिछले मैच में खेली थी शानदार पारी

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में संजू सैमसन ने 61 रन बनाए थे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। इसके बाद उन्होंने युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के लिए अपना स्थान छोड़ने का फैसला किया। इशान किशन के चोटिल होने के कारण सूर्यवंशी को दूसरे मैच में टीम में शामिल किया गया था। हालांकि, उस मुकाबले में सूर्यवंशी तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए आठ गेंदों में सिर्फ चार रन बना सके थे। इसके बावजूद टीम प्रबंधन ने उन्हें अगले मैच में मौका दिया। तीसरे टी-20 में अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत करते हुए सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज अपनाया और टीम को तेज शुरुआत दिलाई।

पहली गेंद पर शॉट देखकर जोश से भर गए अभिषेक

अभिषेक शर्मा ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पहली गेंद पर लगाया गया आक्रामक शॉट देखकर वह खुद भी उत्साहित हो गए थे। उन्होंने बताया कि नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े होकर उन्होंने सूर्यवंशी के आत्मविश्वास को करीब से देखा। अभिषेक ने अपनी पारी में 11 छक्के लगाए और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए भारतीय टीम के लिए लक्ष्य हासिल करना आसान कर दिया। सूर्यवंशी की आक्रामक शुरुआत और अभिषेक की बड़ी पारी ने मैच का रुख भारत के पक्ष में कर दिया।

वैभव को नेट से बाहर निकालना भी मुश्किल

अभिषेक ने युवा बल्लेबाज की मेहनत और खेल के प्रति जुनून का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि वैभव को नेट्स से बाहर निकालना लगभग मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि अगर अभ्यास के लिए दो नेट उपलब्ध हों, तो उनमें से एक वैभव को दे दिया जाता है और उससे कहा जाता है कि वह लगातार अभ्यास करे। अभिषेक की इस टिप्पणी से सूर्यवंशी की क्रिकेट के प्रति लगन का अंदाजा लगाया जा सकता है। कम उम्र में बड़े स्तर पर खेलने का अवसर मिलने के बावजूद वह अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।

सूर्यवंशी ने भी अभिषेक की पारी को बताया शानदार

वैभव सूर्यवंशी ने भी अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अभिषेक ने जिस तरह से रन बनाए, उससे विरोधी टीम मुकाबले से लगभग बाहर हो गई। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर मैच का सीधा प्रसारण नहीं होता, तो उनके गांव के लोग स्कोरकार्ड देखकर सोचते कि मुकाबला किसी छत पर खेला गया होगा। सूर्यवंशी ने माना कि पिछले मैच में वह अपनी स्वाभाविक शैली के विपरीत खेले थे, लेकिन इस बार उनका लक्ष्य टीम को तेज शुरुआत देना था, ताकि बाद के बल्लेबाजों के लिए स्थिति आसान हो सके।

टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत

तीसरे टी-20 में अभिषेक और सूर्यवंशी की साझेदारी के साथ संजू सैमसन का त्याग भी चर्चा में रहा। एक ओर युवा बल्लेबाज को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला, वहीं दूसरी ओर टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों की सहयोगी भूमिका सामने आई। भारतीय टीम के लिए यह तालमेल आने वाले मुकाबलों में भी अहम साबित हो सकता है।


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