सपा में सुलह की कोशिशें जारी, अब मुलायम पर अटकी बात !
सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष पद 3 महीने तक अपने पास रखना चाहते हैं, जबकि मुलायम का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वही रहेंगे।

लखनऊ। समाजवादी घमासान खत्म करने के लिए चल रही सुलह की कोशिशों को करारा झटका लगा है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष पद 3 महीने तक अपने पास रखना चाहते हैं, जबकि मुलायम का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष वही रहेंगे।
सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव के आगे शिवपाल और अमर ने भी सरेंडर का संकेत दे दिया है। शिवपाल ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी छोड़ दी है और अमर सिंह पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उसके बावजूद सुलह की कोशिशें फेल होती नजर आ रही हैं।
कल रात से दोनों गुटों में बैठकों का दौर जारी है। सुलह को लेकर आज भी मुलायम सिंह यादव के घर बैठक हुई. मुलायम से मिलने शिवपाल यादव और अमर सिंह पहुंचे. इससे पहले शिवपाल यादव आज अखिलेश यादव से भी मिले थे, वहीं आजम खान की कोशिशें भी जारी हैं. यही नहीं मुलायम आज प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले थे लेकिन आजम खान से बातचीत के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी, वहीं पार्टी में जारी दंगल के पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने सुलह ना होने के लिए अमर सिंह को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि अमर सिंह लखनऊ नहीं आते तो सुलह हो जाती। इस बीच अमर सिंह ने एक बार फिर अपने ही अंदाज में विरोधियों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि वो अखिलेश के विरोधी नहीं हैं और किसी के एजेंट भी नहीं हैं। अमर सिंह ने कहा कि वो चाहते हैं परिवार की कलह खत्म हो और बाप-बेटे में रिश्ते सामान्य हों। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह की हैसियत अभी भी सबसे ऊपर है, अमर सिंह ने कहा कि चोट बाहरी से मिलती है लेकिन अपनों से लड़ना मुश्किल होता है. जब अपनों से लड़ाई होती है तो मिट्टी में मिलना पड़ता है.


