पुलिस कर्मी की मौत के बाद भी बेटे से पैसे एंठता रहा अस्पताल प्रबंधन
नोएडा ! बिजनौर में तैनात पुलिस कर्मी के लिवर में इंफेक्शन के बाद उन्हें जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहा उनकी मौत हो गई। बेटे ने आरोप लगाया कि पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी।

नोएडा ! बिजनौर में तैनात पुलिस कर्मी के लिवर में इंफेक्शन के बाद उन्हें जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहा उनकी मौत हो गई। बेटे ने आरोप लगाया कि पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी। लेकिन अस्पताल प्रबंधन उनसे पैसे एठने में लगे रहे। यही नहीं मृत शरीर लेने के लिए भी 80 रुपए की डिमांड की गई है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच थाना एक्सप्रेस-वे पुलिस द्वारा की जा रही है। जानकारी के मुताबिक मूलरूप से सिंभावली के रहने वाले विनय शर्मा के 11 फरवरी की रात पेट में दर्द की शिकायत हुई। जिसके बाद उनका बेटा रोहित उन्हें जेपी अस्पताल लेकर पहुंचा। यहा लीवर में इंफेक्शन की बात कहीं गई। जिसके बाद उन्हें 12 फरवरी को अस्पताल में एडमिट कर लिया गया। आरोप है कि महज तीन दिन के अंदर इलाज के लिए पांच लाख रुपए अस्पताल में जमा कराए गए। यही नहीं बुधवार सुबह जब रोहित ने चिकित्सक से पिता के हालचाल लिए तो चिकित्स्क ने कहा कि वह बिल्कुल ठीक है। मिलने की जिद करने पर सुबह करीब 10 बजे चिकित्सकों ने विनय को मृत घोषित कर दिया। बेटे ने आरोप लगाया कि उसके पिता की मौत एक दिन पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन उनसे पैसे एठने के लिए पिता का अब तक इलाज कर रहे थे। यही नहीं अस्पताल प्रबंधन ने रोहित से मृत शरीर लेने के लिए 80 हजार और जमा करने को कहे। जिसके बाद रोहित ने इसकी जानकारी थाना एक्सप्रेस-वे पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रोहित को आश्वसत किया। जिसके बाद मृत शरीर मिल सकी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
होशियारपुर निवासी सुधीर कुमार (48) बुधवार सुबह अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।


