अव्यवस्था देख टूटा सब्र का बांध बंद कराया स्मार्ट कार्ड शिविर
नगर निगम क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत स्मार्ट कार्ड पंजीयन शिविर की शुरूआत आज से हो हुई है

सुबह से ही होता रहा हंगामा पार्षद व आमजन आक्रोशित
कोरबा। नगर निगम क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत स्मार्ट कार्ड पंजीयन शिविर की शुरूआत आज से हो हुई है। पहले दिन ही शिविरों में भारी अव्यवस्था नजर आई। सुबह से ही शिविरों में हंगामा होता रहा। अव्यवस्था पर पार्षद व आमजन काफी आक्रोशित दिखे। इसी बदइन्तजामी को लेकर कोरबा जोन कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ।
शिविरों में स्मार्ट कार्ड पंजीयन को लेकर व्यवस्थाओं में घोर लापरवाही नजर आई। कहीं एक तो कहीं तीन आपरेटरों के भरोसे 8-10 वार्डों के हजारों लोगों के पंजीयन की व्यवस्था की गई थी। स्मार्ट कार्ड पंजीयन सूची से कई हितग्राहियों के नाम भी गायब थे जबकि विभागीय सूची में अपना नाम देखकर हितग्राही शिविर में पहुंचे थे।
कोरबा जोन कार्यालय पानी टंकी के पास, टीपी नगर जोन कार्यालय एवं कोसाबाड़ी जोन कार्यालय में यही स्थिति बनी रही। शिविर का समय सुबह 10 से शाम 5.30 बजे तक निर्धारित किया गया है लेकिन कई स्थानों पर आपरेटर 11 बजे तक भी नहीं पहुंचे थे जिसके कारण शिविर स्थल पर लोगों की लंबी भीड़ लगी रही।
कहीं मशीन खराब होने तो कहीं कैमरा काम नहीं करने की बात भी सामने आई। कोरबा जोन के शिविर में एक ही मशीन की मदद से स्मार्ट कार्ड बनाने का काम चल रहा था जिससे दोपहर तक मात्र 5-10 कार्ड ही बनाए जा सके थे।
इसके बाद उस मशीन ने भी दम तोड़ दिया जिससे शिविर में पहुचे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते शिविर स्थल पर मौजूद लोगों के सब्र का बांध टूट गया व हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई। स्मार्ट कार्ड शिविर में पहुंचे लोगों व वार्ड पार्षदों ने इस अव्यवस्था पर ऐतराज जताया।
गिनती के आपरेटरों के भरोसे हजारों लोगों के स्मार्ट कार्ड बनवाने का जिम्मा को गलत बताया। मौके पर पहुंचे स्थानीय पार्षदों ने इस बदहाली का विरोध करते हुए शिविर को बंद करा दिया। पार्षदों का कहना था की एक जगह पर सभी वार्डो के पंजीयन से अव्यस्था फैल रही है, सभी वार्डों में अलग-अलग पंजीयन शिविर आयोजित होने चाहिए।
धक्का-मुक्की व मारपीट की नौबत
एक ओर जहां शिविरों में सीमित संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं और प्रत्येक जोन में 8 से 10 वार्डों के हितग्राहियों को शामिल किया गया है वहीं जोन कार्यालय में शिविर में पहुंचे हितग्राहियों के लिए न तो टेंट लगाया गया था और न ही पीने के पानी की व्यवस्था की गई थी।
अव्यवस्था भरे माहौल के बीच स्मार्ट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में शामिल होने से पहले सूची में अपना नाम देखने की होड़ हितग्राहियों में मची रही।
आयोजन स्वास्थ्य विभाग का है लेकिन विभाग ने इस शिविर को नगर निगम के भरोसे छोड़ दिया है। शिविर में भीड़भाड़ के कारण धक्का-मुक्की व मारपीट की स्थिति निर्मित होती रही। पुलिस जवानों की तैनाती भी शिविर स्थलों में नहीं की गई थी।


