सिंधु और साइना से टोक्यो ओलम्पिक में स्वर्ण की उम्मीद: पुलेला गोपीचंद
भारतीय बैडमिंटन टीम के राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने शनिवार को कहा कि रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु और गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता सायना नेहवाल उनके लिए दो अनमोल

नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन टीम के राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने शनिवार को कहा कि रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु और गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता सायना नेहवाल उनके लिए दो अनमोल रत्न हैं और आगामी टोक्यो ओलम्पिक में वह उनसे पदक का रंग बदलने की उम्मीद करते हैं।


सिधु, सायना और गोपीचंद को यहां भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की ) की महिला संगठन (एफएलओ) ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर सिंधु और सायना के माता-पिता भी मौजूद थे।
गोपी ने सम्मान समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा, "मु़झे उम्मीद है कि मेरे दो अनमोल रत्न (सिंधु और सायना) अगले ओलम्पिक में सिंधु अपने पदक का रंग बदलने में कामयाब होंगी। ये दोनों खिलाड़ी पिछले कुछ समय से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। सायना ने चोट के बाद अच्छी वापसी की है और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतना इसका एक उदाहरण है।"
उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा, "जब मैं खेलता था तो लोग मुझसे कहते थे कि कम से कम कांस्य पदक तो जीतो। उस समय लोगों को मुझसे बहुत उम्मीदें थी। ठीक वैसे ही मुझे भी इन खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें हैं।"
यह पूछे जाने पर कि एकल में खिलाड़ी में अच्छा कर रहे हैं लेकिन युगल में पीछे हैं, गोपी ने कहा, "ऐसा नहीं हैं, युगल में भी खिलाड़ी अच्छा कर रहे हैं और उन्होंने गोल्ड कोस्ट में टीम चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। कुछ मुकाबले काफी नजदीकी रहे लेकिन कुल मिलाकर खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा।"
यह पूछे जाने पर कि सिंधु-सायना में क्या समानता है, बैडमिंटन कोच ने कहा, " दोनों खिलाड़ी काम करने से पीछे नहीं हटते हैं। सिंधु किसी से साथ भी घुलमिल जाती हैं जबकि सायना ज्यादा ओपन नहीं होती है।"


