शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट : कांग्रेस की मांग केजरीवाल पर दर्ज हो एफआईआर
कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आज दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्या पटनायक को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई

कांग्रेस ने दिया संकेत नहीं दर्ज हुआ मामला तो अदालत का खटखटाएंगे दरवाजा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आज दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्या पटनायक को शिकायत दर्ज कराकर शुंगलू कमेटी की जांच रिपोर्ट पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा आम आदमी पार्टी व अपने नजदीकियों को जनता के पैसे गैर कानूनी तरीके से खर्च करने के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस के 272 निगम वार्डों के उम्मीदवारों ने भी अपने क्षेत्रीय पुलिस थानों में शिकायत दर्ज करवाकर शुंगलू कमेटी की जांच रिपोर्ट पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ एफ आईआर दर्ज करवाने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन, प्रभारी पीसी चाको, शर्मिष्ठा मुखर्जी, पूर्व सांसद महाबल मिश्रा व रमेश कुमार, डा. किरण वालिया, नसीब सिंह आदि शामिल थे।
अजय माकन ने मुलाकात के बाद बताया कि शुंगलु कमेटी की रिपोर्ट तीन नामी हस्तियों ने तैयार की जिसमें आप सरकार द्वारा लिए गए विभिन्न निर्णयों की 404 फाईलों का निरिक्षण किया गया। कमेटी सरकार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार व अनियमितताओं को उजागर करती है तथा इस रिपोर्ट के आने के बाद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहा है कि केजरीवाल सरकार ने गैर कानूनी तरीके से जगह, निवास स्थान तथा आफिस अलॉट किए हैं। भाई-भतीजावाद को उजागर किया है जिसके तहत मुख्यमंत्री, मंत्रियों और आप पार्टी के नेताओं के नजदीकियों को गैर कानूनी और बिना किसी प्रक्रिया के लाखों रुपये के वेतन पर नियुक्त किया गया है साथ ही सरकार के मंत्रियों व विधायकों के द्वारा बिना अनुमति के प्रथम श्रेणी में विदेशों में यात्रा करने पर जांच में दोषी पाया है।
श्री माकन ने कहा कि शुंगलु कमेटी ने पाया कि सौम्या जैन, जो कि स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन की बेटी हैं, उनको मौहल्ला क्लीनिक के प्रोजेक्ट में सलाहकार नियुक्त किया गया जबकि उनका स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है और वे आर्किटेक्ट हैं।
इसी प्रकार रोशन शंकर, जो आप पार्टी के सदस्य हैं, उनको पर्यटन मंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया तथा उनको 60 हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर रखा गया।
कमेटी ने यह पाया कि इस नियुक्ति में न तो कोई विज्ञापन दिया गया और न ही किसी निर्धारित प्रक्रिया अपनाया गया।
माकन ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत करके कहा कि यदि दिल्ली पुलिस ने जल्द अरविन्द केजरीवाल, उनके मंत्रियों तथा दिल्ली सरकार के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की तो दिल्ली कांग्रेस को मजबूरन कोर्ट का सहारा लेना पड़ेगा।


