जानकी जयंती पर निकली शोभायात्रा, सभी समाज के लोग हुए शामिल
राजिम कुंभ कल्प मेला के दूसरा शाही स्नान जानकी जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पर्व स्नान कर पुण्य लाभ उठाया

राजिम। राजिम कुंभ कल्प मेला के दूसरा शाही स्नान जानकी जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पर्व स्नान कर पुण्य लाभ उठाया। इस अवसर पर साहू समाज तथा कबीर धर्मदास सेवा सेवा समिति के सैंकड़ो सदस्यों द्वारा एक शोभा यात्रा निकाली गई जो नगर सहित कुंभ स्थल का भ्रमण करते हुए अपने निर्धारित स्थान पर समाप्त हुई।
इस शोभा यात्रा में साहू समाज की कई लड़कियॉं गाजे-बाजे के साथ सिर पर कलष लेकर चल रही थी साथ में कबीर पंथ वाले कबीर धर्मदास सेवा समिति के सदस्य भी अपनी ध्वजा लेकर चल रहे थे। पर्व स्नान के लिए उमड़े जन सैलाब को सम्हालने के लिए व्यवस्था हेतु तैनात पुलिस बल को काफी मेहनत मषक्कत करनी पड़ी।
जानकी जयंती के पुन्य स्नान के बाद श्रध्दालुओ ने दीप दान कर भगवान कुलेष्वर महादेव और राजीव लोचन भगवान के दर्षन कर उनकी पूजा अर्चना की। दोपहर होते तक संगम के बीच स्थित कुलेश्वर महादेव और राजीव लोचन मंदिर में दर्षन करने वालो की भीड़ बड़ती गई। इस शोभा यात्रा में मुख्य रुप से डॉ. महेन्द्र साहू, रामकुमार साहू नगर साहू (संघ राजिम के संरक्षक), मेघनाथ साहू, लाला राम साहू, रामकृष्ण साहू, भोले साहू, अध्यक्ष टीकम साहू, सचिव राजु साहू, युवा प्रकोष्ठ, सहित साहू समाज के तथा कबीर धर्मदास सेवा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
सतपालजी महाराज का सत्संग 10 से
मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वाधान में 10 एवं 11 फरवरी को सद्भावना सत्संग समारोह का आयोजन किया गया है। यह राजिम कुंभ कल्प मेला क्षेत्र में लोमष ऋषि आश्रम के पास आयोजित है, जिसमें देष के सुविख्यात, आध्यात्मिक गुरू एवं समाजसेवी सतपालजी महाराज मानव उत्थान सद्भावना से ओतप्रोत धार्मिक प्रवचन करेगें। संस्था के महात्मा हरिसंतोषानंदजी महाराज ने बताया कि मानव उत्थान सेवा समिति एक ऐसी समाजसेवी एवं आध्यात्मिक सेवा जो धर्म और आध्यात्म के माध्यम से सद्भावना सत्संग का समारोह पूरे देष भर में आयोजित करती है।
जिसमें महान संत सतपालजी महाराज मानव उत्थान और सद्भावना सत्संग पर अपने उद्बोधन के माध्यम से संदेष देते है। संस्था के महात्मा हरिसंतोषानंदजी ने बताया कि परमपूज्य सतपालजी महाराज के आगमन पर 10 फरवरी को प्रात: 9 बजे एक षोभायात्रा निकाली जायेगी, जो सद्भावना सत्संग समारोह के पंडाल से होकर नगर का भ्रमण करते हुए पुन: लोमष ऋषि के पास सद्भावना सत्संग समारोह पहुंचकर समाप्त होगी।
कविता पोडवाल की भजनों की धूम रही
मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज गोगांव से आए राउत नाचा से हुआ, जिन्होंने दोहो माध्यम से नृत्य की प्रस्तुति दी। इसकी के साथ सालासार समीति नवापारा के द्वारा हनुमान चालिसा का पाठ किया, जिसमें समिति के सदस्यो के द्वारा हनुमान चालिसा के माध्यम से हनुमान जी की पूजा-अर्चना किए। इस कारण वातावरण हनुमान मय हो गया था। नवापारा के गायक इकबाल खान के द्वारा हिन्दी फिल्मो के गाने गाये, जिसे सुन कर दर्षक भी झूम उठे।
छत्तीसगढ़ के एक नृत्य में जो कि पंथी है, उसकी प्रस्तुति भी मुख्य मंच पर नंदू खरे, बकली द्वारा दी गई। जिसमें पंथी में कि जाने वाली विभिन्न करतब का प्रदर्षन किया, इन करतवो का प्रदर्षन देख दर्षक अचंभित दिखे। दिपाली पांडेय द्वारा कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद हिन्दुस्तान के मषहुर गायिका कविता पोडवाल के द्वारा षिव भक्ति से अपनी भजन की शुरूआत की।
इसके बाद तू ने मुझे बुलाया शेरावालीये... जय जय नारायण.... वैष्णव जन को कहिये.... आदि भजन के माध्यम से मुख्यमंच का समा बांधे रखा था। कलाकरों का सम्मान धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, धर्मस्व सचिव सोमनाणी बोरा, संस्कृति विभाग के अधिकारियों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। मंच का संचालन निरंजन साहू एवं सहयोगियों द्वारा किया गया।
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