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मप्र के सियासी घमासान में शेरो-शायरी का तड़का

मध्य प्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त से शुरू हुआ सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है।

मप्र के सियासी घमासान में शेरो-शायरी का तड़का
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भोपाल | मध्य प्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त से शुरू हुआ सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ तल्ख टीका-टिप्पणी हो रही है, तो साथ में कई नेता अपने हमले को धारदार व प्रभावी बनाने के लिए शेरो-शायरी और कविताओं का सहारा ले रहे हैं।

राज्य की सियासत में बीते छह दिनों से भूचाल आया हुआ है। विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगे, विधायक गायब हुए, होटल से मुक्त कराए गए और 10 में से सात विधायक भोपाल लौट आए, मगर तीन विधायक अभी भी लापता हैं। ये तीनों विधायक कांग्रेस के हैं। कांग्रेस लगातार विधायकों के लापता होने के लिए भाजपा को घेर रही है, मगर भाजपा भोपाल लौटे विधायकों के बयान को आधार बनाकर इसे कांग्रेस का अंदुरूनी मामला करार दे रही है।

प्रशासन ने भाजपा विधायक संजय पाठक के रिसॉर्ट पर अवैध कब्जे को लेकर जेसीबी चलाई, खदानों को बंद किया, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह को जमीन कब्जे का नोटिस दिया, साथ ही कुछ विधायकों की सुरक्षा-व्यवस्था में बदलाव किया। भाजपा ने विधायकों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल लालजी टंडन को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस अतिक्रमण रोधी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को प्रशासनिक कार्रवाई करार दे रही है।

एक तरफ जहां हत्या कराने जैसे आरोप लग रहे हैं, वहीं मर्यादा में रहते हुए हमले किए जा रहे हैं और इसके लिए राजनेताओं ने अपनी बात को कहने के लिए शेरो-शायरी के साथ कविताओं का सहारा लिया है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हरिवंश राय बच्चन की अग्निपथ कविता के जरिए विरोधियों को संदेश दिया -वे थकने वाले नहीं हैं, लड़ते रहेंगे। कमलनाथ ने ट्वीट किया, "तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।"

उन्होंने वर्तमान राजनीतिक हालात पर तंज कसते हुए आगे लिखा है, "यह महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है, अश्रु श्वेत रक्त से, लथपथ लथपथ लथपथ, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।"

कमलनाथ ने लिखा है, "वृक्ष हों भले खड़े, हों घने हों बड़े, एक पत्र छांह भी, मांग मत, मांग मत, मांग मत, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।"

मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा बच्चन की कविताओं के जरिए की गई टिप्पणी पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने अपने तरीके से हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के साथ छोड़ने की ओर इशारा करते हुए अपनी बात कही है। उन्होंने कमलनाथ के ट्वीट को टैग करते हुए कहा, "कदम कदम पर बहारों ने साथ छोड़ा, जरूरत पड़ने पर यारों ने साथ छोड़ा, वादा किया सितारों ने साथ निभाने का, सुबह होने पर सितारों ने भी साथ छोड़ा।"

इसी तरह भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने चंद लाइनों के जरिए सत्ता बदलाव की तरफ इशारा तो किया ही, साथ में कांग्रेस के भेदियों का भी जिक्र कर डाला। उन्होंने कहा, "मंथन है परिवर्तन का, कुछ और तमाशा होने दो, कहां-कहां उनके गद्दार छुपे हैं, और खुलासा होने दो।"

मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा ट्वीट की गई 'अग्निपथ' कविता को रिट्वीट करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने लिखा, "बधाई कमलनाथ जी। यही आपकी शक्ति है, हिम्मत के साथ हर भाजपा की साजिश का मुकाबला हम करेंगे। हम सब मप्र में जनता के 2018 के विधानसभा चुनाव के मतदाताओं के निर्णय का सम्मान करते हुए भाजपा की साजिश कामयाब नहीं होने देंगे।"

बीते छह दिनों के घटनाक्रम पर गौर करें तो एक बात साफ हो जाती है कि कई नेताओं ने अपने तरकश से जहर से बुझे तीर चलाने में किसी भी तरह की हिचक नहीं दिखाई, मगर मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित कुछ नेताओं ने सधे शब्दों में अपनी बात कही। अब और नेता भी इसी दिशा में बढ़ रहे हैं, तो यह राज्य के सियासी माहौल के लिए सुखद ही कहा जाएगा।


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