उत्पीडऩ के खिलाफ महिलाओं को उठानी होगी आवाज
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बुधवार को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडऩ निवारण प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम-2013 के क्रियान्वयन के लिए

कार्यस्थल पर महिला उत्पीडऩ पर कार्यशाला
कोरबा ! महिला एवं बाल विकास विभाग ने बुधवार को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीडऩ निवारण प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम-2013 के क्रियान्वयन के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
जिला पंचायत सभागार में कार्यशाला की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्रीमती हीना नेताम ने करते हुए कहा कि महिला उत्पीडऩ के मामलों में आवश्यक है कि पीडि़ता को शिकायत पर कार्रवाई का भरोसा हो। न्याय मिलने का विश्वास हो। समिति के सदस्यों को जागरूकता अभियान चलाने के साथ इस दिशा में विशेष प्रयास करना होगा। उन्होंने महिला उत्पीडऩ रोकने के अभियान से शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग को सक्रिय रूप से जोडऩे के निर्देश भी दिये। लोकलाज के भय से उत्पीडऩ की शिकायतें नहीं की जाती, महिलाओं की इस धारणा को बदलने के विशेष प्रयास किये जायें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिले की स्थानीय शिकायत समिति की सदस्य सचिव एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रेणु प्रकाश ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिला स्तर से लेकर तहसील, ब्लाक और पंचायत स्तर तक महिलाओं में जागरूकता लाने कार्यशाला आयोजित किये जायेंगे।
स्थानीय शिकायत समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुमन खेत्रपाल ने कहा कि जागरूकता के अभाव में पीडि़त महिलाएं उत्पीडऩ के खिलाफ आवाज नहीं उठातीं। महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत है। महिला एवं बाल विकास विभाग की संरक्षण अधिकारी श्रीमती रजनी मारिया और अधिवक्ता सह स्थानीय समिति सदस्य श्रीमती विनिता यादव ने कार्यस्थल पर महिलाओं का लैगिंक उत्पीडऩ अधिनियम-2013 के प्रावधानों की जानकारी दी व उपस्थित लोगों की शंकाओं का समाधान किया। महिला उत्पीडऩ रोकने में व्यक्तिगत सहभागिता के संकल्प और आभार प्रदर्शन के बाद कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास खण्डों सहित शासकीय विभागों, महाविद्यालयों और संस्थाओं में गठित आंतरिक शिकायत समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया।


