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बंगाल में 'हिंसा मुक्त और निष्पक्ष' लोकसभा चुनाव चाहते हैं : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को निर्वाचन आयोग से मिला और पश्चिम बंगाल में 'हिंसा मुक्त और निष्पक्ष' माहौल में आगामी लोकसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया

बंगाल में हिंसा मुक्त और निष्पक्ष लोकसभा चुनाव चाहते हैं : भाजपा
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को निर्वाचन आयोग से मिला और पश्चिम बंगाल में 'हिंसा मुक्त और निष्पक्ष' माहौल में आगामी लोकसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने चुनाव आयोग के साथ बैठक के बाद कहा, "पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जारी हिंसा के मद्देनजर, हमने चुनाव आयोग से राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में लोकसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया है।"

उन्होंने कहा, "तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हाल ही में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा आयोजित एक रैली में भाग लेने वालों पर हमला किया था।"

नकवी ने कहा कि पार्टी ने आयोग से राज्य में मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने और उन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने का अनुरोध किया है, जो तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के रूप में भूमिका निभा रहे या हिंसक घटनाओं का हिस्सा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "हमने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की भी मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और चुनाव प्रक्रिया के दौरान शांति बनाए रखा जा सके।"

उन्होंने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ता लगातार राज्य में भाजपा के चुनाव पूर्व प्रयासों को विफल कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहीं रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "हमने पश्चिम बंगाल में हुई कुछ चुनिंदा घटनाओं पर चुनाव आयोग का ध्यान दिलाया है, जो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार के पूर्ण सहयोग से हुईं।"

उन्होंने कहा कि भाजपा स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल में लोकसभा चुनाव कराना चाहती है।

उन्होंने कहा, "हमने चुनाव आयोग के समक्ष कुछ घटनाओं को रेखांकित किया, जो दिखाती हैं कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल में चलाई जा रही सरकार का लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।"

सीतारमण ने कहा, "हमने आयोग को ऐसे सरकारी अधिकारियों के नाम और पद के बारे में बताया है, जो राज्य सरकार के इशारों पर काम करते हैं।"

उन्होंने कहा, "हमने आयोग को सूचित किया कि अधिकारी मंजूरी देने में देरी कर सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। पार्टी ने प्रत्येक समारोह से तीन-चार दिन पहले मंजूरी के लिए आवेदन किया था।"

हाल ही में इस तरह का एक मामला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों का था, जिसे जिला अधिकारियों ने अनुमति नहीं दी थी।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता को धमकाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "भाजपा की बढ़ती पहुंच से तृणमूल स्पष्ट रूप से परेशान है।" उन्होंने कहा कि यह एक विडंबना है कि मुख्यमंत्री खुद चिल्ला रही हैं और कह रही हैं कि लोकतंत्र खतरे में है।

सीतारमण ने कहा, "मैं भयभीत हूं कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में एक ऐसा माहौल बना दिया है, जिसके कारण हमें यहां चुनाव आयोग के पास आना पड़ा और हमने स्पष्ट रूप से घटनाओं को उनके सामने रख दिया है।"

उन्होंने कहा, "हमने आयोग से उनकी भूमिका में बिल्कुल स्पष्ट रहने का अनुरोध किया है। सभी राजनीतिक दलों को प्रत्येक पार्टी के लिए एक स्वतंत्र व निष्पक्ष माहौल तैयार करने में शामिल होना चाहिए, जिसे तृणमूल स्पष्ट रूप से बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।"

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