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बगैर रीडिंग के बिजली बिल से आक्रोश

सराईपाली ! बिजली बिल के मीटर रीडिंग के लिए विभाग द्वारा ठेका दिया जाता है तरह तरह के प्रयोग भी हो रहे हैं कहीं स्पाट बिलिंग हो रही है

बगैर रीडिंग के बिजली बिल से आक्रोश
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सराईपाली ! बिजली बिल के मीटर रीडिंग के लिए विभाग द्वारा ठेका दिया जाता है तरह तरह के प्रयोग भी हो रहे हैं कहीं स्पाट बिलिंग हो रही है तो कहीं कागजों में ही बिलिंग हो रही है। ईई मूर्ति फोटो मीटर रीडिंग की बात भी कह चुके हैं। बगैर रीडिंग के अनुमानित कागजी रीडिंग से सैकड़ों बिल आ रहे हैं और जब वास्तविक बिल आता है तो हजारों रूपया जब उपभोक्ताओं को पटाने को कहा जाता है तो उसके सामने समस्या आ जाती है अगर हर महिने बिल सही आता तो उसे हो सकता है 500 यूनिट से कम होने पर सही भुगतान करता और उसे किसी प्रकार का सरचार्ज भी नही लगता। ऐसे वास्तविक रूप से बिल पटाने वाले सैकड़ों बिजली उपभोक्ता है जो रीडिंग नियमित न करने से 50 हजार से 1 लाख तक का बिल आने पर अचंभित है। इस संबंध में विद्युत अधिकारी मूर्ति से जब इस संवाददाता ने पूर्व में चर्चा की तो उन्होने कहा कि ठेका लेने वाला कुछ माह तो ठीक काम करता है लेकिन बाद में वह भी उसी रवैये में आ जाता है। जब उनसे पूछा गया कि आपके सिस्टम की कमी के कारण आम बिजली उपभोक्ता परेशान हो रहा है इस पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं तो उन्होने कहा कि शीघ्र ही नया सिस्टम फोटो मीटर रीडिंग और स्पाट बिलिंग होने से यह समस्या सुधर जाएगी। वर्तमान में जिनकी भी समस्या आ रही है उन्हे रिकार्ड देकर बिल भुगतान करने के बाद उनका भुगतान अर्जेस्ट किया जाएगा। किसानों का आरोप है कि बगैर रीडिंग किए उन्हे बिजली बिल थमाया जा रहा है। विभाग में शिकायत करने पर एक अधिकारी द्वारा किसानों से दुर्भावना पूर्वक बात की जाती है। किसानों ने बताया कि एक फसल लेने वाले किसानों को भी दोनो फसल के लिए नलकूप प्रयोग किए जाने का बिल थमाया जा रहा है। बीते दिनों अंचल के सैकड़ों किसान व जनप्रतिनिधियों ने विधायक रामलाल चौहान से मिलकर इसकी शिकायत की। शिकायत के दौरान ग्रामीण काफी उग्र नजर आए।
विजय प्रधान ने बताया कि घरेलु बिजली के मीटर का रीडिंग किए उपभोक्ताओं को मनमाने राशि का बिजली बिल अदा करने को दबाव बनाया जा रहा है। अन्यथा कोर्ट में प्रकरण भेजे जाने की धमकी दी जाती है। इसलिए किसान परेशान हैं। विभागीय उच्चाधिकारी उल्टा चोर कोतवाल को डाटें की तर्ज पर जवाब देते हैं। ऐसे में ग्रामीण व किसानों का गुस्सा जायज है। किसानों की शिकायत पर विधायक चौहान ने गंभीरता दिखाते हुए स्थानीय विद्युत विभाग के अफसरोंको शालीनता से व्यवहार किए जाने तथा बिजली बिलों की दोबारा जांच कराने का निर्देश दिए हैं। मीटर की जांच व बंद मीटर की जगह नए मीटर लगाए जाने के लिए भी विधायक ने निर्देश दिए हैं।


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