सरगुजा जिला सौ फीसदी विद्युतीकृत
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आदिवासी अंचल के सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युतीकरण का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है...

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आदिवासी अंचल के सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युतीकरण का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना दीनदयाल उपाध्याय एवं मुख्यमंत्री मजरा टोला विद्युतीकरण योजना के तहत प्रदेश के सभी बसाहटों को विद्युत की सुविधा प्रदान करने कारगर पहल की गई है।
इसका लाभ सद्यन वनों एवं पहाड़ों के बीच बसे ग्राम डांडकेसरा (सरगुजा जिला) के वासियों को देने की एक बड़ी कामयाबी वितरण कंपनी को मिली। इसके साथ ही सम्पूर्ण सरगुजा जिले को शत्प्रशित विद्युतीकृत होने का दर्जा प्राप्त हो गया। उक्त जानकारी पॉवर कंपनी के उपमहाप्रबंधक(जनसम्पर्क) विजय मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यपालक निदेशक मुकेश नाहर के मार्गदर्शन पर कार्यपालन अभियंता परियोजना आरके मिश्रा की टीम द्वारा यह कार्य पूर्ण किया गया।
कार्यपालक निदेशक श्री नाहर से मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर अंतिम छोर पर बसे एक मात्र अविद्युतीकृत ग्राम डांडकेसरा के लगभग 146 घरों को बिजली से रोशन किया गया है। सघन वनों के बीच विद्युत खम्भों को स्थापित करने के लिए सर्वप्रथम वन विभाग की सहमति ली गई। तदोपरांत डांडकेसरा गांव में विद्युत की सुविधा पहुंचाने में कामयाबी मिली। विद्युत विभाग के इस सराहनीय पहल को ग्रामवासियों ने सराहा तथा साथ ही भविष्य की नई उम्मीदों और मीठी मुस्कानों के साथ उपस्थित टीम का आभार जताया।
डांडेकेसरा गॉव के विद्युतीकरण हो जाने से इस ग्राम के जिसमें 102 बीपीएल परिवारों को मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना के तहत् विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया है। यहाँ स्थित स्कूल को भी विद्युतीकृत कर दिया गया है। इस ग्राम को विद्युत सेवा से जोड़ने के लिए 1.8 किलोमीटर, 11 केव्ही लाईन (वीजल तार) एवं 25 केव्हीए के तीन ट्रंासफार्मरों को लगाया गया है। सघन वनो से धिरे ग्राम में विद्युत अधोसंरचना का विस्तार करना कठिन चुनौति भरा कार्य था, जिसे कार्यपालन यंत्री आरके मिश्रा की टीम के ने सूझबूझ के साथ पूर्ण किया। इसके लिए उन्होंने सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर विद्युतीकरण के कार्य को सफल बनाया।


