क्रांति सेना की जबर लाठी रैली कल
छत्तीसगढिया क्रांति सेना यह देख रही है कि पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों पर संगठित हो कर हमले किये जा रहे हैं...

रायपुर। छत्तीसगढिया क्रांति सेना यह देख रही है कि पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों पर संगठित हो कर हमले किये जा रहे हैं। एक तरह से यह लोकतांत्रिक प्रणाली पर सीधा हमला है। छत्तीसगढ़ जैसे शांत प्रदेश में बाहर से आकर बसे लोगों द्वारा वर्दी वालों पर लगातार आक्रमण करके भविष्य के लिये एक खतरनाक संदेश दिया जा रहा है।
कड़ी धूप में खुले आसमान के नीचे, दिन-रात अपना कर्तव्य निभाने वाले सिपाही छत्तीसगढ़ महतारी के बेटे-बेटियां हैं, छत्तीसगढ़ के गरीब किसानों की संतानें हैं। देश की सेवा के लिये उन्होनें सुरक्षा बलों में जाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में बलौदाबाजार और भिलाई जैसे शहरों में उन्हें सड़क-चैराहों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जा रहा है एवं उनके आला अफसर मूकदर्शक बनकर बैठे हैं।
अपराधियों को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। उनके उपर यथोचित कार्यवाही करने से प्रशासन मुंह मोड़ रहा है। पीड़ीत पुलिसकर्मियों की शिकायतें उनका ही विभाग नहीं सुन रहा है उल्टे उन्ही पर जुर्म दर्ज किये जा रहे हैं।
अन्य प्रदेशों से छत्तीसगढ़ में आकर बसे लोगों ने छत्तीसगढ़ के गांव-देहात से निकल कर नौकरी कर रहे पुलिस कर्मियों को मार-पीट कर गंभीर आपराधिक कृत्य किया है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना छत्तीसगढियों पर हो रहे हर प्रकार के जुल्म और सितम का पुरजोर विरोध करती है।
कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों को न्याय दिलाने, प्रशासन और छत्तीसगढ़ सरकार को नींद से जगाने के लिये छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 14 मई को बलौदाबाजार शहर में एक दिवसीय जबर लउठी रैली का आयोजन कर लोकतांत्रिक ढंग से विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। जबर लउठी रैली में हजारों की संख्या में बलौदाबाजार जिले सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ की छतीसगढ़िया जनता एवं छतीसगढ़िया क्रांति सेना के सेनानी अनुशासन पूर्वक शामिल रहेंगे।


