पहली बार रिटायर्ड शिक्षक जांचेंगे कापियां
जांजगीर ! छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित दसवीं एवं बारहवीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहली बार रिटायर्ड शिक्षक करेंगे। माशिमं ने इस बार मूल्यांकन कार्य में उनसे सहयोग लेने का निर्णय

जांजगीर ! छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित दसवीं एवं बारहवीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहली बार रिटायर्ड शिक्षक करेंगे। माशिमं ने इस बार मूल्यांकन कार्य में उनसे सहयोग लेने का निर्णय लिया है। उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य आगामी सात मार्च से शुरू होगा। बोर्ड का मानना है कि रिटायर्ड शिक्षकों की मदद से निर्धारित समय में परिणाम की घोषणा होगी। वहीं निष्पक्ष तरीके से मूल्यांकन कार्य होगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया 7 मार्च से शुरू हो जाएगी। सबसे पहले दसवीं की कॉपियां जांची जाएंगी। इसके बाद बारहवीं की कॉपियों का मूल्यांकन होगा। 31 मार्च को दसवीं और 15 अप्रैल को बारहवीं का रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉपियों के मूल्यांकन के लिए माशिमं के अध्यक्ष विकासशील आगामी तीन मार्च को एनआईसी के जरिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेंगे। इसमें माशिमं के सचिव सुधीर कुमार अग्रवाल तथा उपसचिव संजय शर्मा शामिल होंगे। कॉपियां जांचने के लिए करीब 20 हजार मूल्यांकनकर्ताओं को नियुक्त करने के लिए सभी डीईओ को पत्र भेज दिया गया है। कॉपियां जांचने पूरी गंभीरता बरतने के लिए नियम-कायदे बताए जाएंगे। कॉपियां जांचने के लिए जिले समेत राज्य में 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल पहली बार मूल्यांकन कार्य में रिटायर्ड शिक्षकों की मदद लेने जा रहा है। हालांकि उनसे मदद तब ली जाएगी, जब मूल्यांकन कार्य के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होंगे। बहरहाल, यह पहला अवसर होगा जब माशिमं ने बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन के लिए रिटायर्ड शिक्षकों से सहयोग लेने का निर्णय लिया है।
मेरिटोरियस की दो बार जंचेगी कॉपी
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को माशिमं से प्राप्त पत्र के अनुसार, बोर्ड परीक्षा में टॉपटेन सूची में किसी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए इस बार अस्सी फीसदी से ऊपर करीब 5 फीसदी मेरिटोरियस छात्रों की कॉपियां दो बार जांची जाएंगी। 5 फीसदी यानी प्रथम श्रेणी में यदि 50 हजार छात्र उत्तीर्ण होते हैं तो ढाई हजार की कॉपी फिर जंचेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अब एक नंबर भी बढऩे की गुंजाइश नहीं है। लिहाजा मेरिट सूची नहीं बदलेगी।
20 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विषय और 80 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले विषय में माशिमं ने इस साल से पुनर्मूल्यांकन कराने की प्रक्रिया खत्म कर दी है। ये सिर्फ पुनर्गणना करा सकेंगे।


