सेवानिवृत्त कर्मचारी से धोखाधड़ी, खाते से 12 लाख गायब
बीना ! जहां पूरे देश को नगदी रहित लेनदेन होने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है । तो वही नगदी रहित लेनदेन को अपनाने के चक्कर में लोग धोखाधड़ी के शिकार भी हो रहे हैं ।

बीना ! जहां पूरे देश को नगदी रहित लेनदेन होने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है । तो वही नगदी रहित लेनदेन को अपनाने के चक्कर में लोग धोखाधड़ी के शिकार भी हो रहे हैं । बीना में एक ऐसा ही मामला सामने आया है ।
जहां नगदी रहित लेनदेन प्रक्रिया को अपनाने के लिये जब एक एमपीईबी के सेवानिवृत्त कर्मचारी जब एटीएम पर 2 हजार रूपए निकालने के लिये पहुंचे तो उन्हे अंजान लोगों से 2 हजार रूपये निकालवाना इतना महंगा पड़ गया कि कर्मचारी के खाते से 15 दिनों में 12 लाख बीस हजार रूपए निकाल लिए गए। कर्मचारी को धोखाधड़ी की जानकारी तब लगा जब वह 15 दिनों के बाद मोबाईल पर विड्रॉल का संदेश आया । जिसे देख आशाराम के पैरों तले से जमी खिसक गई और फिर कर्मचारी ने बैंक और थाने को सूचना दे दी ।
पुलिस के अनुसार आशाराम एमपीईबी का सेवानिवृत्त कर्मचारी है जो अगस्त में रिटायर्ड हो चुके थे, और उसके खाते में करीब 12 लाख फंड का था, 15 दिसम्बर को आशाराम गांधी तिराहे के पास एटीएम से पैसे निकालने गए तो जब उसने दो हजार रूपए निकालने का प्रयास कर रहा थे, तब एटीएम से रूपए न निकलने की वजह से पीछे खड़े तीन अज्ञात लोगो ने आशाराम से मदद करने को कहा । जिस बात पर आशाराम मान भी गये लेकिन, उन लोगों के द्वारा दो हजार रूपए तो निकाल कर आशाराम को दे दिये मगर, इसी दौरान उन्होंने एटीएम कार्ड को बदल लिया और एक दूसरा एटीएम आशाराम को थमा दिया । इसके बाद 28 दिसम्बर को आशाराम के पास बैंक से संदेश आया कि, उसके खाते से 24 हजार निकाले गए है जिसके बाद कर्मचारी एसबीआई बैंक पहुंचा और खाते को दिखाया तो पता चला की उसने 15 दिनों में 12 लाख 20 हजार का लेनदेन हो चुका था। इसके बाद कर्मचारी के द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने जब इस धोखाधड़ी की तफ्तीश की तो बैंक ने पूरे लेनदेन की सूची दे दी, जिसमें 24 हजार की शापिंग दिखाई गई है और 6 मुम्बई, 3 आगरा और1 छतरपुर शहर के खातों में राशि का लेनदेन किया गया है । इस पूरे मामले में एसडीओपी ने एक टीम का गठन कर दिया हैं जो इस मामले की जांच करेगी ।


