स्कर्ट के नीचे की तस्वीर लेने को हांग कांग ने भी बनाया अपराध
हांग कांग में अब बिना सहमति के यदि किसी ने महिलाओं के स्कर्ट से नीचे की तस्वीर ली या उसे शेयर किया तो उसे जेल जाना होगा.

डीप फेक में जिन लोगों के चेहरे इस्तेमाल हुए हैं, वे न सिर्फ उन्हें बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं बल्कि ऐसी तस्वीरों को शेयर करने या प्रकाशित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं.
इस क्षेत्र में काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया वेबसाइट्स को भी अदालत में घसीटा जा सकेगा.
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नए कानून का स्वागत किया है. ‘एसोसिएशन कनसर्निंग सेक्शुअल वायलेंस अगेंस्ट विमिन' नामक संस्था की लिंडा एस वाई वॉन्ग ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि ये नए अपराध आम लोगों और कानून व्यवस्था लागू करवाने वाली एजेंसियों को समझने में मदद करेंगे कि फोटो या वीडियो आधारित यौन हिंसा ऐसा नुकसान पहुंचाती है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती."
अपस्कर्टिंग को लेकर दुनियाभर में चिंता और जागरूकता बढ़ रही है. इसलिए जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे देश इसे पहले ही अपराध की श्रेणी में ला चुके हैं.


