अस्पताल की जमीन पर डाल दिया राखड़, आक्रोश
घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम भेंगारी में स्थित टीआरएन कंपनी के एक ठेकेदार द्वारा पिछले दिनों कंपनी से निकलने वाले जहरीले राखड़ को कहीं भी डाल दिया जा रहा था

टीआरएन कंपनी के ठेकेदार की मनमानी
रायगढ़। घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम भेंगारी में स्थित टीआरएन कंपनी के एक ठेकेदार द्वारा पिछले दिनों कंपनी से निकलने वाले जहरीले राखड़ को कहीं भी डाल दिया जा रहा था।
शिकायत होने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने की वजह से उक्त ठेकेदार की मनमानी अब इतनी बढ़ गई है कि उसने नावापारा बस्ती में स्थित सरकारी हॉस्पिटल की जमीन पर जहरीला और राशयनिक राखड़ डाल दिया है। जिस पर की पर्यावरण विभाग द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिसकी वजह से क्षेत्र में उक्त ठेकेदार के खिलाफ में आक्रोश पनपने लगा है।
बताया जा रहा है कि कंपनी के एक जाने-माने विख्यात ठेकेदार जो कि कंपनी को औने पौने दामों में गरीब आदिवासियों की जमीनों को भी छल कपट करके कंपनी को दिलवाया था। अब उसी ठेकेदार द्वारा क्षेत्र में कंपनी से निकलने वाले जहरीले राखड़ को बिना नियम कानून के तहत व पर्यावरण नियमों की धज्जियां को उड़ाते हुए कहीं भी डाल दे रहा है।
इतना ही नहीं नावापारा में स्थित स्वास्थ्य विभाग की भूमि पर भी जहरीले राखड़ हजारों टन डाल चुका है। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बताया जा रहा है कि अब तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी किसी प्रकार की रोक या उच्च अधिकारियों को शिकायत नहीं किया है।
ठेकेदार ने नहीं की मिट्टी फीलिंग
उप स्वास्थ्य केंद्र नवापारा के डॉ आरके पैंकरा का कहना है कि उप स्वास्थ्य विभाग नवापारा के जमीन के कुछ हिस्से जो गड्ढे थे उस पर मौखिक रूप से राखड़ पाटने को बोला गया था। ऊपर से 2 फीट की मिट्टी की फीलिंग करने की भी बात हुई थी, लेकिन उक्त ठेकेदार द्वारा अभी तक मिटटी से फीलिंग नहीं किया गया है। जिस को गंभीरता से लेते हुए मैं तत्काल ठेकेदार को सूचित करता हूं।
होगी कार्रवाई- शर्मा
इस संबंध में जिला पर्यावरण अधिकारी आरके शर्मा का कहना था कि अगर उप स्वास्थ्य केंद्र नावापारा पर नियम को ताक में रखकर राखड़ डंप किए गए है, तो इसकी संपूर्ण जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।


