Top
Begin typing your search above and press return to search.

संस्कृति को सहेजने का उत्सव है रामगढ़ महोत्सव

आषाढ़ माह के प्रथम दिन दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का उद्घाटन राजमोहनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र अजिरमा, अम्बिकापुर के ऑडिटोरियम में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया.....

संस्कृति को सहेजने का उत्सव है रामगढ़ महोत्सव
X

प्रथम दिवस शोध संगोष्ठी व क्विज प्रतियोगिता आयोजित
अम्बिकापुर। आषाढ़ माह के प्रथम दिन दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का उद्घाटन राजमोहनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र अजिरमा, अम्बिकापुर के ऑडिटोरियम में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उद्घाटन समारोह के अवसर पर सीतापुर विधायक अमरजीत भगत, लुण्ड्रा विधायक चिन्तामणी महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती फुलेश्वरी सिंह, महापौर डॉ अजय तिर्की, पुरातत्व संघ के सदस्य एवं पार्षद अलोक दुबे उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सीतापुर विधायक अमरजीत भगत ने कहा कि रामगढ़ की पहाड़ी में प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में चर्चित सीताबैंगरा की गुफा तथा जोगीमारा की गुफा पुरातात्विक धरोहर है। इस प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति को सहेजने हेतु रामगढ़ महोत्सव सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से महाकवि कालिदास की अमरकृति मेघदूतम् एवं कीर्तिमान साहित्यकारों तथा शोधार्थियों के रचनाओं का पठन एवं श्रवण का सुअवसर प्राप्त होता है। लुण्ड्रा विधायक चिन्तामणी महाराज ने कहा कि रामगढ़ स्थित नाट्यशाला विश्व का प्राचीनतम नाट्यशाला माना जाता है।

यहां की गुफाओं में विभिन्न प्रकार के शैल चित्रों रंगों का प्रयोग पुरातत्वविदों के लिए शोध का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की एतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर संरक्षित रखना हस सब की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती फुलेश्वरी सिंह ने कहा कि रामगढ़ की पहाड़ी भगवान राम की कर्म भूमि थी ऐसे पावन भूमि के वासी होने पर हमे गर्व है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम के आदर्शों पर चलते हुए अपने कर्मों को अन्जाम देना चाहिए। नगर पालिक निगम अम्बिकापुर के माहापौर डॉ अजय तिर्की ने कहा कि प्राचीन काल के कवियों ने घनघोर जंगल एवं गुफाओं में जाकर प्राकृति के यथार्थ रूप का चित्रण अपनी रचनाओं में किये हैं।

इन रचनाओं में महाकवि कालिदास द्वारा राचित मेघदूतम आद्वितीय कृति है। उन्होंने कहा प्रकृति को बचाए रखने के लिए वृक्षारोपण एवं जल सरंक्षण पर विशेष ध्यान देना हम सब के लिए नितांत आवश्यक है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव एक ऐतिहासिक एवं परंपरागत उत्सव है। इस महोत्सव का हर वर्ष आयोजित किया जाना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि आज के सूचना प्रौद्यौगिकी के युग में यह आयोजन याद दिलाता है कि हमारे सांस्कृतिक जड़ें काफी मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि इस सांस्कृति धरोहर को सहेजने में आज की युवा पीढ़ी को समझने की आवश्यकता है।

कलेक्टर ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव के स्तरीय आयोजन के लिए जिला प्रशासन हमेशा तत्पर रहेगा। उन्होंने रामगढ़ महोत्सव के दो दिवसीय आयोजन में युवाओं को बढ-चढ भागीदारी लेने की अपील की । इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, साहित्यकार, शोधार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it