Top
Begin typing your search above and press return to search.

राजनाथ ने थिएटर कमांड के गठन पर चर्चा की

सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हुए, राजनाथ सिंह ने गुजरात में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में एकीकृत थिएटर कमांड के निर्माण और आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रसार पर चर्चा की

राजनाथ ने थिएटर कमांड के गठन पर चर्चा की
X

नई दिल्ली। सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात में संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में एकीकृत थिएटर कमांड के निर्माण और आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रसार पर चर्चा की। तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन 2021 गुरुवार को केवडिया में शुरू हुआ था और इसमें तीनों भारतीय रक्ष बल सेना, नौसेना और वायु सेना के सैन्य कमांडर हिस्सा ले रहे हैं।

राजनाथ सिंह गुरुवार को गुजरात के केवडिया में हो रही कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस-2021 के लिए आयोजित विवेचना सत्रों में शामिल हुए। केवडिया पहुंचने के बाद रक्षामंत्री भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि देने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी भी गए।

कॉन्फ्रेंस में उद्घाटन भाषण देते हुए रक्षामंत्री ने देश की रक्षा और सुरक्षा को प्रभावित करने वाले बहुत से मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने उभरते सैन्य खतरों, इन खतरों से निपटने में सशस्त्र सेनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और भविष्य में संघर्षों की बदलती प्रकृति पर चर्चा की।

रक्षामंत्री ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ पूर्वी लद्दाख में उत्पन्न गतिरोध के दौरान सैनिकों द्वारा प्रदर्शित निस्वार्थ सेवा और साहस की हृदय से प्रशंसा की और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

इस अवसर पर रक्षा विभाग,रक्षा उत्पादन विभाग तथा अनुसंधान और विकास विभाग के सचिवों और रक्षा सेवाओं के वित्तीय सलाहकार ने भी विभिन्न संबद्ध विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

रक्षामंत्री की उपस्थिति में दिन भर में दो विवेचना सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया और उनमें से कुछ सत्र बंद कमरों में भी हुए।

इन सत्रों में सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण खासतौर से समन्वित थिएटर कमांड स्थापित करने और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को शामिल करने के संबंध में चर्चा हुई।

सशस्त्र सेनाओं का मनोबल बढ़ाने और उन्हें प्रेरित करने के साथ ही नवाचार को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर बहुत उत्साहवर्धक भागीदारी देखने को मिली। तीनों सेनाओं के सैनिकों और युवा अधिकारियों की ओर से इस संबंध में बेहद उपयोगी फीडबैक और सुझाव भी सामने आए।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it