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पुन्नी स्नान के साथ राजिम महाकुंभ-कल्प का शुभारंभ

रायपुर/राजिम ! माघ पूर्णिमा के दिन पुन्नी (पुण्य) स्नान के साथ राजिम महाकुंभ कल्प 2017 का शुभारंभ हो गया।

पुन्नी स्नान के साथ राजिम महाकुंभ-कल्प का शुभारंभ
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प्रात: 4 बजे खुला भगवान राजीव लोचन का पट
भगवान कुलेश्वर महादेव के मंदिर में दर्शनार्थियों की लगी लम्बी कतार
प्रात: 4 बजे से देर रात तक श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता

रायपुर/राजिम ! माघ पूर्णिमा के दिन पुन्नी (पुण्य) स्नान के साथ राजिम महाकुंभ कल्प 2017 का शुभारंभ हो गया। महाकुंभ मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पैरी, सोंढुर व महानदी के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के बाद दीपदान कर ईश्वर की उपसना की। इसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान राजीव लोचन और और भगवान कुलेश्वर नाथ महादेव के दर्शन के लिए निकल पड़ा। श्री राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव के मंदिर पहुंचकर दर्शनकर लोगों ने अपने आप को धन्य किया तथा अपने परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की मंगलकामना की। कई महिलाएं रेत में शिवलिंग बनाकर वहीं नदी के तट पर पूजा-अर्चना करती हुई दिखाई दी तो सैकड़ों की संख्या में युवतियां एवं महिलाएं नदी की धार में दीप दान भी किया। शास़्त्रों में दीपदान का उल्लेख है लिहाजा यह धार्मिक परंपरा आदिकाल से चला आ रहा है।
माघ पूर्णिमा के पावन पर्व पर भगवान राजीवलोचन मंदिर का पट तडक़े सुबह 4.30 बजे से भक्तों के लिए खुल गया था। भगवान राजीव लोचन का जन्मोत्सव मंदिर प्रांगण में बैंड-बाजे के साथ बहुत ही धूम-धाम से मनाया गया। श्री राजीव लोचन का श्रृंगार माघी पुन्नी के दिन देखते ही बन रहा था। पूजा के बाद नया लाल ध्वज मंदिर के कलश में चढ़ाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने गरूड़ की भी पूजा की। पन्द्रह दिवसीय यह मेला महाशिवरात्रि 24 फरवरी तक चलेगा। पवित्र पुन्नी स्रान के लिए सोमवार को तडक़े सुबह अच्छी भीड़ रहने का अनुमान जैसा कि लगाया गया था, उसके अपेक्षाकृत भीड़ इस बार अधिक दिखी और व्यवस्थित नजर आया। भगवान श्री राजीव लोचन मंदिर में बेरिकेटिंग की व्यवस्था की गई थी जिससे श्रद्धालुओं ने क्रम से भगवान का दर्शन करते रहे। श्रद्धालुजनों का तांता रात 4 बजे से सुबह के 11 बजे तक निरंतर लगा रहा। पंडितों के मुताबिक शास्त्रों में कायदे से पुन्नी नहाने का महत्व सूर्योदय के पूर्व तक को ही माना गया है, इस अवधि में भीड़ अधिक नजर आयी। इस बार ठंड भी लगभग कम थी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से चप्पे-चप्पे पे पुलिस के जवान तैनात थे, जो आसामाजिक तत्वों पर नजर रखे हुए थे। भगवान राजीव लोचन मंदिर की अपेक्षाकृत भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के मंदिर में दर्शन और पूजा करने वालों की बाहर तक लम्बी लाईन लगी हुई थी। लाईन की परवाह न कर श्रद्धालु अपने जगह दर्शन के लिए खड़े रहे। इस तरह दर्शन और पूजा का सिलसिला तडक़े सुबह से देर रात तक चलता रहा। भगवान के दर्शन और पूजा करने प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित देश के अनेक राज्यों से भी भक्त-श्रद्धालुगण पहुंचे थे। इस बार दर्शनार्थियों को भगवान राजीव लोचन का दर्शन करने ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। बहुत ही आसानी के साथ श्रद्धालु दर्शन करते रहे। लोगों के पास पर्याप्त साधन होने की वजह से उनका आना-जाना प्रात: 3 बजे से देर रात्रि तक जारी रहा। संगम में डुबकी लगाने वाले भी प्रात: 4 बजे से शाम तक डुबकी लगाते रहे। शासन द्वारा इस वर्ष श्रद्धालुओं के सुविधा के अनुसार डुबकी लगाने की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो इसके लिए पर्यप्त रूप से सुरक्षा के इंतजाम था।


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