Top
Begin typing your search above and press return to search.

राजस्थान नगर निकाय चुनाव घोषित, 9 और 11 को मतदान

राजस्थान में नगर निकाय चुनावों का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनावों की घोषणा कर दी। चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को कराए जाएं

राजस्थान नगर निकाय चुनाव घोषित, 9 और 11 को मतदान
X

14 सितंबर को आएंगे नतीजे, 309 निकायों में चुनावी जंग

  • 10,245 पार्षद पदों पर होगा मुकाबला
  • महापौर और सभापति चुनाव 21 सितंबर को

जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनावों का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनावों की घोषणा कर दी। चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को कराए जाएंगे।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित शहरी निकाय क्षेत्रों में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि राजस्थान के 309 शहरी निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव होंगे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं।

चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ 27 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार 31 अगस्त तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।

इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा और 14 सितंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

पार्षद चुनाव संपन्न होने के बाद शहरी निकायों के प्रमुख पदों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, महापौर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष पदों के चुनाव 21 सितंबर को कराए जाएंगे।

वहीं, संबंधित उप महापौर, उप सभापति और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव 22 सितंबर को होंगे।

22 सितंबर को नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं की सामान्य बैठकों का भी आयोजन होगा, जिसमें संबंधित उप महापौर, उप सभापति और उपाध्यक्षों का चुनाव किया जाएगा।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी 309 शहरी निकाय क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है। यह चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।

इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक निर्णयों, नई घोषणाओं और ऐसे विकास कार्यों पर चुनावी नियम लागू होंगे, जिनसे मतदाता प्रभावित हो सकते हैं।

चुनाव से पहले स्वायत्त शासन विभाग ने शहरी निकायों में आरक्षण और परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी थी।

आयोग ने आवश्यक तकनीकी और कानूनी समीक्षा पूरी करने के बाद चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब राजस्थान के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।

राजनीतिक दल और संभावित उम्मीदवार चुनाव की अंतिम तैयारियों में जुटेंगे और अपने प्रचार अभियान को गति देंगे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it