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राजस्थान: कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर किया जाएगा 80000 बैरल प्रतिदिन

राजस्थान सरकार चरणबद्ध तरीके से राज्य में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन 80,000 बैरल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए तेल निकालने की आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोड़ा ने दी।

राजस्थान: कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर किया जाएगा 80000 बैरल प्रतिदिन
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जयपुर। राजस्थान सरकार चरणबद्ध तरीके से राज्य में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन 80,000 बैरल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए तेल निकालने की आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोड़ा ने दी।

वर्तमान में राजस्थान में प्रतिदिन लगभग 51,000 से 52,000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन हो रहा है। उत्पादन बढ़ाने के लिए तेल कंपनियां बाड़मेर-सांचौर और जैसलमेर बेसिन में अल्कली सर्फेक्टेंट पॉलिमर (एएसपी) तकनीक तथा बीकानेर-नागौर बेसिन में साइक्लिक स्टीम स्टिमुलेशन (सीएसएस) तकनीक का उपयोग करेंगी।

अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि राजस्थान में इस समय पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े 12 पेट्रोलियम लीज और 12 पेट्रोलियम अन्वेषण लाइसेंस सक्रिय हैं। वहीं, प्राकृतिक गैस का उत्पादन करीब 2.6 से 2.8 एमएमएससीएमडी (मिलियन मेट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन) है।

सचिवालय में पेट्रोलियम और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) क्षेत्र की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस उत्पादन के मामले में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर और कच्चे तेल उत्पादन में तीसरे स्थान पर है।

उन्होंने बताया कि एचआरआरएल राजस्थान रिफाइनरी की शोधन क्षमता 9 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) होगी। यह रिफाइनरी राज्य में उत्पादित लगभग 15 लाख टन कच्चे तेल को प्रसंस्कृत करने में सक्षम होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान में निकाला गया कच्चा तेल राज्य के भीतर ही रिफाइन किया जाए।

सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अरोड़ा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 60 सीएनजी स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 23 स्टेशन पहले ही शुरू हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को दिसंबर तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही उन्होंने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) कनेक्शन बढ़ाने, खासकर बहुमंजिला आवासीय इमारतों में, तेजी लाने पर जोर दिया।

बैठक में पेट्रोलियम निदेशक अवधेश सिंह ने बताया कि केयर्न वेदांता, ऑयल इंडिया, ओएनजीसी और फोकस एनर्जी जैसी कंपनियां राजस्थान में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खोज एवं उत्पादन कार्य में लगी हुई हैं। वहीं, आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

बैठक में खान विभाग की विशेष सचिव नम्रता वृश्णि, उप सचिव राकेश कुमार, ओएसडी अनुज सक्सेना, संयुक्त निदेशक (पेट्रोलियम) दिलीप राज शर्मा तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।


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