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राजस्थान: अशोक गहलोत ने बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना में पांच साल की देरी पर सवाल उठाए

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना के पूरा होने में हो रही देरी पर सवाल उठाए।

राजस्थान: अशोक गहलोत ने बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना में पांच साल की देरी पर सवाल उठाए
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जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना के पूरा होने में हो रही देरी पर सवाल उठाए।

गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान में पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के दौरान परियोजना का काम पांच साल तक रुका रहा, जिसके कारण इसकी लागत में भारी वृद्धि हुई।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रिफाइनरी राजस्थान के विकास के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना है और इसका भव्य सार्वजनिक उद्घाटन होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने आज अखबारों में पढ़ा कि प्रधानमंत्री एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने के बजाय रिफाइनरी परिसर के अंदर एक बैठक करेंगे। यह परियोजना राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसका उचित सार्वजनिक उद्घाटन होना चाहिए।

परियोजना की शुरुआत को याद करते हुए गहलोत ने कहा कि बाड़मेर में तेल की खोज के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप ही रिफाइनरी का निर्माण संभव हो पाया।

उन्होंने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के बीच समन्वय स्थापित करके रिफाइनरी कंपनी के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परियोजना में देरी को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए गहलोत ने पूछा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान रिफाइनरी का काम कथित तौर पर पांच साल तक क्यों रुका रहा।

उन्होंने कहा कि भाजपा के पिछले कार्यकाल में रिफाइनरी का काम पांच साल तक क्यों रुका रहा? प्रधानमंत्री और एनडीए सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। देरी के कारण रिफाइनरी की अनुमानित लागत लगभग 37,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 80,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गई। राजस्थान के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि इस लागत वृद्धि और परियोजना में देरी के कारण हुए वित्तीय नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में दो साल पूरे होने पर बोलते हुए गहलोत ने इस कार्यकाल को 'ऐतिहासिक' बताया और कहा कि राहुल गांधी किसानों, मजदूरों, युवाओं और गरीबों से जुड़े मुद्दों पर एक सशक्त आवाज बनकर उभरे हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह केंद्र की नीतियों पर लगातार सवाल उठाए हैं और विपक्ष की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।

गहलोत ने नीट परीक्षा के मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करने का श्रेय भी राहुल गांधी को दिया।

भाजपा नेता और राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीना द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए गहलोत ने उन्हें बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया।

उन्होंने कहा कि आरोपों को तथ्यों और सबूतों से समर्थित होना चाहिए, और बिना सबूत के आरोप लगाना अस्वीकार्य है।


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