Alwar News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में लगी आग, 5 लोग जिंदा जले; चालक गंभीर रूप से घायल
यह हादसा रात करीब 1 बजे लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर के पास पिलर नंबर 115/300 के निकट हुआ। कार दिल्ली से कोटा की ओर जा रही थी, तभी अचानक उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह जल गया।

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जिसमें चलती कार में अचानक आग लगने से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा इतना अचानक और भयावह था कि कार में सवार यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
मिनटों में कार बनी आग का गोला
डीएसपी कैलाश जिंदल के अनुसार यह हादसा रात करीब 1 बजे लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर के पास पिलर नंबर 115/300 के निकट हुआ। कार दिल्ली से कोटा की ओर जा रही थी, तभी अचानक उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह जल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला।
मृतकों में महिलाएं और मासूम बच्ची शामिल
हादसे में मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के रहने वाले पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक मासूम बच्ची शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सभी लोग जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। खुशियों से भरा यह सफर अचानक मातम में बदल गया। फिलहाल पुलिस मृतकों की पहचान करने में जुटी है और परिजनों से संपर्क करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चालक ने कूदकर बचाई जान
कार का चालक विनोद कुमार मेहर किसी तरह जलती हुई कार से बाहर कूदने में सफल रहा, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि वह करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे तुरंत पिनान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अलवर के सामान्य अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
मौके पर पहुंची राहत-बचाव टीम
घटना की सूचना मिलते ही एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस का जाप्ता और एसएचओ नेकीराम भी घटनास्थल पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को बुलाया गया, जिसने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के कारण एक्सप्रेस-वे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी कैलाश जिंदल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने घायल चालक को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए। वहीं, सूचना मिलते ही एसपी सुधीर चौधरी भी घटनास्थल पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने मौके पर हालात को नियंत्रित करते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
हादसे के कारणों की जांच जारी
फिलहाल इस भीषण हादसे के पीछे के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि कार में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो सकती है। हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जरूरत पड़ने पर फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा सकती है ताकि आग लगने के असली कारणों का पता चल सके।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अचानक आग लगने जैसी घटनाएं यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों की नियमित जांच, फायर सेफ्टी उपकरण और सतर्कता इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है। यह हादसा न सिर्फ मृतकों के परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी एक कड़ी चेतावनी है।


