राजस्थान पंचायत चुनाव तैयारियां तेज़ अंतिम मतदाता सूची 25 फरवरी को
राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव तिथियों की औपचारिक घोषणा से पहले ही, राज्य निर्वाचन आयोग ने समय पर और सुचारू रूप से चुनाव कराने के लिए जिला प्रशासनों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर दिए हैं।

पंचायत चुनावों की उलटी गिनती राजस्थान में आयोग ने जारी किए अहम निर्देश
- ईवीएम और मतपेटियों से होगा मतदान राजस्थान पंचायत चुनाव की तैयारियां पूरी रफ्तार पर
- बार-बार स्थगित चुनावों को मिलेगी राहत हाईकोर्ट निर्देश के बाद आयोग ने बढ़ाई गति
- राजस्थान पंचायत चुनाव जल्द घोषणा की संभावना तैयारियों में दिखी तेजी
जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव तिथियों की औपचारिक घोषणा से पहले ही, राज्य निर्वाचन आयोग ने समय पर और सुचारू रूप से चुनाव कराने के लिए जिला प्रशासनों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, मौजूदा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के आधार पर फोटो-आधारित पंचायत मतदाता सूचियां तैयार की जा रही हैं। पंचायत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 25 फरवरी को होगा।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह पंचायत चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची होगी और इसके प्रकाशन के बाद इसमें कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। केवल वे मतदाता, जिनके नाम इस अंतिम सूची में हैं, पंचायत चुनावों में अपना वोट डालने के पात्र होंगे।
चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि पंच और सरपंच के चुनाव मतपेटियों के जरिए कराए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए होने की संभावना है। इसके लिए मध्य प्रदेश राज्य चुनाव आयोग से ईवीएम मशीनें मंगाई जा रही हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और ओबीसी आरक्षण से संबंधित मुद्दों के कारण राजस्थान में पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव बार-बार स्थगित होते रहे हैं, जिससे अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। हालांकि, उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद राज्य चुनाव आयोग ने तैयारियों में तेजी ला दी है।
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 15 अप्रैल से पहले कराए जाएं, जिससे चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जल्द होने की संभावना बढ़ गई है।


