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राजस्थान बोर्ड के 12वीं रिजल्ट में 96% से अधिक छात्र पास, बॉर्डर के पास रहने वाली टॉपर दिव्या भादू की खास कहानी

टॉपर्स में बाड़मेर जिले की दिव्या भादू का नाम विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि उनका गांव पाकिस्तान बॉर्डर से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद दिव्या ने यह उपलब्धि हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।

राजस्थान बोर्ड के 12वीं रिजल्ट में 96% से अधिक छात्र पास, बॉर्डर के पास रहने वाली टॉपर दिव्या भादू की खास कहानी
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जयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस साल का परिणाम बेहद शानदार रहा है, जिसमें कुल 96.23 प्रतिशत छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। खास बात यह रही कि इस बार 5 छात्रों ने संयुक्त रूप से टॉप किया है, जिन्होंने 500 में से 499 अंक हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इन टॉपर्स में बाड़मेर जिले की दिव्या भादू का नाम विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि उनका गांव पाकिस्तान बॉर्डर से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद दिव्या ने यह उपलब्धि हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।

दिव्या की सफलता की कहानी

दिव्या भादू बाड़मेर जिले के कृष्ण का तला गांव की निवासी हैं। उनका गांव पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब है और उनके खेत भी बॉर्डर के पास ही स्थित हैं। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उनके गांव को खाली कराने की तैयारी चल रही थी, जिससे परिवार और गांव के लोगों में चिंता का माहौल था। हालांकि उस समय दिव्या सीकर के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें गांव खाली कराने की खबर मिली, तो उनका ध्यान पढ़ाई से भटक गया था। लेकिन अगले ही दिन प्रशासन ने गांव को खाली न कराने का फैसला लिया, जिससे राहत मिली और वे फिर से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकीं।

परिवार और शिक्षा का सफर

दिव्या के पिता सुजाराम भादू सहायक ग्राम विकास अधिकारी हैं, जबकि उनकी मां द्रौपदी देवी गृहिणी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में पूरी करने के बाद सीकर के शेखावती स्कूल, लोसल में रहकर 12वीं की पढ़ाई की। दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि उनके गांव के कई छात्र सीकर में रहकर पढ़ाई करते हैं, जिससे उन्हें बेहतर माहौल और मार्गदर्शन मिला।

500 में 499 अंक

दिव्या भादू ने कुल 500 में से 499 अंक प्राप्त किए हैं। उन्हें इंग्लिश, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 100-100 अंक मिले हैं, जबकि हिंदी में उनका सिर्फ 1 नंबर कटा और उन्हें 99 अंक प्राप्त हुए। उनका यह प्रदर्शन न सिर्फ मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह दिखाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता हासिल की जा सकती है।

IAS बनने का सपना

दिव्या का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौका मिला, तो वे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से काम करना चाहेंगी। उनका मानना है कि प्रशासन में रहकर वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

अन्य टॉपर्स का प्रदर्शन

इस वर्ष साइंस स्ट्रीम में कुल 5 छात्रों सोनू मेहरा, दीपिका रांकावत, दिव्या भादू, निकिता और रिषिता ने 499 अंक (99.80%) हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। इनमें से चार छात्राएं हैं, जो एक बार फिर लड़कियों की उत्कृष्टता को दर्शाता है। डीडवाना की दीपिका रांकावत ने भी साइंस स्ट्रीम में 99.80 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया। वहीं आर्ट्स स्ट्रीम में नरपत, नव्या मीना और नैनसी चौधरी ने 498 अंक (99.60%) के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। कॉमर्स स्ट्रीम में वर्षा रानी ने 496 अंक (99.20%) के साथ टॉप किया।

लड़कियों ने फिर मारी बाजी

इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा। कुल पास प्रतिशत 97.20 रहा, जिसमें लड़कों का पास प्रतिशत 96.46% और लड़कियों का 97.77% दर्ज किया गया।



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