हमारा लक्ष्य राजस्थान के शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना है: भजनलाल शर्मा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 'विकसित राजस्थान 2047' के विजन को साकार करने में नगर निगम कर्मचारियों की अहम भूमिका है

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि 'विकसित राजस्थान 2047' के विजन को साकार करने में नगर निगम कर्मचारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईमानदारी, पारदर्शिता और समय पर जनसेवा सुशासन की सच्ची नींव हैं।
जयपुर स्थित राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (आरआईसी) में राजस्थान नगर निगम कर्मचारी संघ के नौवें ग्रैंड कन्वेंशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम कर्मचारियों से जनसेवा में ईमानदारी बनाए रखने और भ्रष्टाचार से दूर रहने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'न खाऊंगा न खाने दूंगा' के सिद्धांत से प्रेरित है।
राज्य सरकार के 'भ्रष्टाचार विरोधी' उपायों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते 103 सरकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है, छह को सेवा से बर्खास्त किया गया है और 11 अधिकारियों की पेंशन स्थायी रूप से रोक दी गई है।
उन्होंने कहा कि रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े 108 मामलों में अभियोजन की मंजूरी दे दी गई है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अतिरिक्त मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं किसी शहर की पहचान होती हैं और उन्होंने नगर निगम कर्मचारियों को शहरी स्वच्छता और सार्वजनिक सेवाओं की रीढ़ बताया।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जयपुर बृहत्तर नगर निगम ने दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में राष्ट्रीय स्तर पर 16वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि उदयपुर ने तीन लाख से दस लाख के बीच आबादी वाले शहरों में 13वां स्थान प्राप्त किया है।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य राजस्थान के शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत मिशन एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन में बदल गया है, जिससे स्वच्छता प्रथाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और घरों में शौचालय निर्माण के माध्यम से लोगों की गरिमा बढ़ी है।
उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरी अवसंरचना विकास पर भी प्रकाश डाला और जल संरक्षण एवं पर्यावरण स्थिरता पर राज्य सरकार के विशेष ध्यान को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष सामुदायिक भागीदारी के साथ वंदे गंगा जल संरक्षण एवं जन अभियान चला रही है।
हरियालो राजस्थान पहल के तहत लगभग 2 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि राज्य सरकार ने इस वर्ष 1 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में पहली बार चंदन के वनों का विकास भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहरी केंद्र बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करते हुए आगे बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत 200 शहरों और कस्बों में 11,560 करोड़ रुपए की 363 परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।


