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जयपुर: 80,000 रुपए रिश्वत मामले में एसीबी ने नगर निकाय इंजीनियर को किया गिरफ्तार

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर ईकाई ने सोमवार को जयपुर नगर निगम के सिविल लाइंस जोन में उप आयुक्त कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा को कथित रूप से 80,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

जयपुर: 80,000 रुपए रिश्वत मामले में एसीबी ने नगर निकाय इंजीनियर को किया गिरफ्तार
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जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर ईकाई ने सोमवार को जयपुर नगर निगम के सिविल लाइंस जोन में उप आयुक्त कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा को कथित रूप से 80,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई जयपुर एसीबी को मिली शिकायत के आधार पर की गई।

शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता ने जयपुर नगर निगम (सिविल लाइंस जोन) में अपने पुराने जर्जर मकान को गिराकर नया भवन बनाने की अनुमति के लिए आवेदन किया था।

करीब चार महीने बाद संपत्ति पर लगी सील हटा दी गई और बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल के निर्माण की अनुमति दे दी गई।

3 जून 2026 को आरोपी जूनियर इंजीनियर संजय कुमार बैरवा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल कथित रूप से निर्माण स्थल पर पहुंचे और सील दोबारा लगाने, सुरक्षा कर्मी तैनात करने और निर्माण कार्य रोकने की धमकी दी।

आरोप है कि आरोपियों ने 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी, जो उनके और तत्कालीन उप आयुक्त सुनील बैरवा की ओर से मांगी गई थी, ताकि निर्माण कार्य बिना बाधा जारी रह सके।

शिकायत मिलने के बाद एसीबा ने गोपनीय सत्यापन किया।

4 जून 2026 को सत्यापन के दौरान आरोपी संजय कुमार बैरवा द्वारा 1 लाख रुपए की रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। उनके निर्देश पर सह-आरोपी दीनदयाल ने 20,000 रुपए अग्रिम रिश्वत ली।

इसके बाद आरोपी लगातार बाकी राशि की मांग करता रहा। पुष्टि के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

सोमवार को ट्रैप के दौरान आरोपी ने अपनी मारुति फॉक्स वाहन का लॉक खोला और शिकायतकर्ता को गियर लीवर के पास डैशबोर्ड में 80,000 रुपए रखने के लिए कहा।

इसके बाद टीम ने पूरी राशि डैशबोर्ड से बरामद कर ली। रसायनिक जांच में नोटों के संपर्क की पुष्टि हुई और डैशबोर्ड पर गुलाबी रंग की प्रतिक्रिया मिली।

इसके अलावा आरोपी के पर्स से 27,400 रुपए नकद भी बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शिकायतकर्ता का काम आरोपी के पास लंबित था।

आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


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