Begin typing your search above and press return to search.
राजस्थान में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत: इंजेक्शन, इंस्टाग्राम पोस्ट और पोस्टमार्टम पर उठे सवाल
बुधवार शाम करीब 5:45 बजे साध्वी के पिता ब्रह्मनाथ और एक अन्य व्यक्ति उन्हें अचेत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता का कहना है कि साध्वी को खांसी-जुकाम की शिकायत थी, जिसके चलते आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया था।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5:45 बजे साध्वी के पिता ब्रह्मनाथ और एक अन्य व्यक्ति उन्हें अचेत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता का कहना है कि साध्वी को खांसी-जुकाम की शिकायत थी, जिसके चलते आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया था। इंजेक्शन लगाए जाने के करीब पांच मिनट बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि यह “गलत इंजेक्शन” का मामला है। हालांकि, समर्थकों का कहना है कि अगर इंजेक्शन के तुरंत बाद हालत बिगड़ी, तो उन्हें तुरंत बड़े अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? वे यह भी सवाल उठा रहे हैं कि कथित तौर पर दोपहर में तबीयत बिगड़ने के बावजूद शाम तक उन्हें घर में क्यों रखा गया।इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाई रहस्य की परतें
मामले में सबसे बड़ा सवाल उस समय उठा जब बुधवार रात करीब 9:30 बजे यानी मौत के लगभग चार घंटे बाद, साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से दो पोस्ट सामने आए—“अग्निपरीक्षा” और “अलविदा” शीर्षक के साथ। पोस्ट में लिखा था: “जीते जी न्याय नहीं मिला, मेरे जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।” यह संदेश वायरल होते ही सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया। समर्थकों ने सवाल उठाया कि जब शाम 5:30 बजे ही उनकी मौत हो चुकी थी, तो रात में यह पोस्ट किसने किया? साध्वी के पिता ने स्वीकार किया कि संदेश उनके मोबाइल फोन से ही डाला गया था। उनका कहना है कि संभवतः किसी “साथी गुरु महाराज” ने मोबाइल से यह पोस्ट किया। हालांकि, इससे संदेह और गहरा गया है।पोस्टमार्टम को लेकर हंगामा
साध्वी की मौत की खबर मिलते ही बुधवार रात बड़ी संख्या में समर्थक जोधपुर स्थित आश्रम पहुंच गए। पिता शव को बाहर लेकर खड़े थे, जबकि समर्थक सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, पिता शुरू में पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे, जिससे तनाव बढ़ गया। समर्थकों के हंगामे के बाद देर रात करीब 1 बजे पुलिस शव को मथुरादास माथुर सरकारी अस्पताल ले गई, जहां गुरुवार को पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान भी माहौल तनावपूर्ण रहा। समर्थक रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन प्रशासन ने अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।मोबाइल जब्त, जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त छवि शर्मा ने साध्वी का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में पिता ने मोबाइल पुलिस को नहीं सौंपा था। अब मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड की जांच की जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि इंस्टाग्राम पोस्ट किसने और कब किया। समर्थकों का आरोप है कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पिता ने एक निजी अस्पताल के कंपाउंडर को फोन किया था। वे यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर इंजेक्शन से हालत बिगड़ी, तो तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया।छह माह पुराना विवाद फिर चर्चा में
साध्वी की मौत के बाद जुलाई 2025 का एक पुराना विवाद भी फिर सुर्खियों में आ गया है। उस समय आश्रम के एक पूर्व कर्मचारी पर साध्वी को ब्लैकमेल करने और उनके पिता के साथ एक वीडियो प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया गया था। वीडियो में साध्वी अपने पिता के गले लगती दिखाई दे रही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद साध्वी मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थीं। आरोप था कि पूर्व कर्मचारी ने वीडियो के जरिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। इस मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी। अब समर्थक इस पुराने विवाद और वर्तमान घटना के बीच संभावित संबंधों की जांच की मांग कर रहे हैं।राजनीतिक प्रतिक्रिया और निष्पक्ष जांच की मांग
नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। समर्थकों की मांग है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए और सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके।शुक्रवार को दी जाएगी समाधि
पोस्टमार्टम के बाद साध्वी का शव जोधपुर जिले के जास्ती गांव ले जाया गया है, जहां शुक्रवार को उन्हें समाधि दी जाएगी। गांव और आश्रम में शोक का माहौल है, लेकिन साथ ही सवालों का सिलसिला भी जारी है।सवाल अभी बाकी
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं— -क्या वास्तव में गलत इंजेक्शन से मौत हुई?-इंस्टाग्राम पोस्ट किसने और क्यों किया?
-पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आएगा?
-क्या छह माह पुराने विवाद का इससे कोई संबंध है? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच पर निर्भर हैं। जब तक प्रशासन पारदर्शी तरीके से तथ्यों को सामने नहीं लाता, तब तक यह मामला रहस्य और विवादों में घिरा रहेगा।
Next Story


