गंगनहर पानी बंदी के खिलाफ किसानों का श्रीगंगानगर में जोरदार धरना
राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई और पेयजल की महत्वपूर्ण स्रोत गंगनहर को प्रभावित करने वाली प्रस्तावित पानी बंदी के विरोध में सोमवार को किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जिला कलेक्ट्रेट के पास महाराजा गंगासिंह चौक पर धरना दिया

सिंचाई संकट पर किसानों का हल्ला बोल, वैकल्पिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
- फसलें बर्बाद होने का डर, गंगासिंह चौक पर किसानों का प्रदर्शन
- बीकानेर नहर की सफाई और मरम्मत की मांग तेज
- पानी बंदी से नाराज़ किसान, सरकार पर गुमराह करने का आरोप
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई और पेयजल की महत्वपूर्ण स्रोत गंगनहर को प्रभावित करने वाली प्रस्तावित पानी बंदी के विरोध में सोमवार को किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जिला कलेक्ट्रेट के पास महाराजा गंगासिंह चौक पर धरना दिया।
यह प्रदर्शन पंजाब में फिरोजपुर फीडर नहर के नवनिर्माण कार्य के कारण 21 जनवरी से शुरू होने वाली पानी बंदी के खिलाफ आयोजित किया गया। धरने के दौरान दोपहर तक चली आमसभा में किसान नेताओं ने सरकार और जल संसाधन विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए, दावा किया कि वैकल्पिक व्यवस्था अपर्याप्त है और इससे फसलें बुरी तरह प्रभावित होंगी।
किसान नेताओं ने कहा कि फिरोजपुर फीडर नहर के पुनर्निर्माण के दौरान राजस्थान के जल संसाधन विभाग ने पुरानी बीकानेर नहर के माध्यम से गंगनहर को पानी उपलब्ध कराने का दावा किया है। विभाग का कहना है कि इस वैकल्पिक मार्ग से पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होगा, लेकिन किसानों को इस पर गहरा संदेह है। उन्होंने बताया कि पुरानी बीकानेर नहर की अब तक सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण इसमें पूरी क्षमता से पानी नहीं चल पाएगा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी गलत दावे करके किसानों को गुमराह कर रहे हैं और लंबे समय तक चलने वाले निर्माण कार्य के दौरान पानी की कमी से किसान बुरी तरह परेशान होंगे। इससे न केवल सिंचाई प्रभावित होगी बल्कि फसलें भी बर्बाद हो सकती हैं।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि सबसे पहले पुरानी बीकानेर नहर की त्वरित सफाई की जाए, जिससे 21 जनवरी से इसमें पूरी क्षमता के अनुसार पानी प्रवाहित किया जा सके। इसके अलावा पुरानी बीकानेर नहर के हुसैनीवाला हैड पर लगे द्वारों की मरम्मत का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाए। वर्तमान में वहां एक द्वार की मरम्मत अब भी जारी है जो वैकल्पिक पानी की आपूर्ति में बाधा बन सकती है।


