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भाजपा कभी सुधर नहीं सकती, राघव चड्ढा समेत कई सांसदों के 'आप' छोड़ने पर गहलोत का तंज

आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा राजनीतिक झटका लगने की खबरों के बीच सियासत तेज हो गई है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों ने 'आप' छोड़ने पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

भाजपा कभी सुधर नहीं सकती, राघव चड्ढा समेत कई सांसदों के आप छोड़ने पर गहलोत का तंज
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जयपुर। आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा राजनीतिक झटका लगने की खबरों के बीच सियासत तेज हो गई है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों ने 'आप' छोड़ने पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बात करते भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां नई नहीं हैं और भाजपा कभी नहीं सुधर सकती। गहलोत ने कहा कि उनके शासनकाल में भी इसी तरह की परिस्थितियां पैदा की गई थीं, जब सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें हुई थीं। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय उनकी सरकार को एक महीने से अधिक समय तक होटल में रहना पड़ा था।

गहलोत ने कहा कि भाजपा के नेता अक्सर इस बात का जिक्र करते हैं कि कांग्रेस सरकार होटल में बंद रही, लेकिन यह नहीं बताते कि ऐसा क्यों हुआ। उनके अनुसार, उस समय भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, खासकर अमित शाह पर हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए सरकार गिराने की कोशिश के आरोप लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान सचिन पायलट और कुछ विधायक मानेसर चले गए थे, जिससे राजनीतिक संकट और गहरा गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 'आप' से जुड़े नेताओं और सांसदों को भी परेशान किया है। उन्होंने राघव चड्ढा का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ कई कार्रवाइयां कीं और कई नेताओं के नाम कथित शराब घोटाले में उछाले गए। गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' में शामिल होते ही सभी आरोप साफ हो जाते हैं।

पश्चिम बंगाल में 91 प्रतिशत से अधिक मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि यह जरूर देखना होगा कि मतदान प्रतिशत कैसे बढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया, "चुनाव आयोग को अपने पक्ष में लेकर मतदाता सूची में नाम काटे गए और मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।" हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि असल में किसे फायदा हुआ, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

राजस्थान विधानसभा को फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के मामले में भी गहलोत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "प्रदेश में कई बार हाईकोर्ट, एसएमएस स्टेडियम और अन्य महत्वपूर्ण इमारतों को धमकियां मिल चुकी हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो गई है।" उन्होंने सवाल उठाया कि तकनीक के इस दौर में भी पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा पाई है कि इन धमकियों के पीछे कौन लोग हैं।


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