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अशोक गहलोत ने बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल पर उठाए सवाल, कहा- ये राज्य सरकार का एक और 'तुगलकी फरमान'

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टिकोण से तर्कसंगत नहीं बताते हुए इसे राज्य सरकार का एक और 'तुगलकी फरमान' करार दिया है

अशोक गहलोत ने बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल पर उठाए सवाल, कहा- ये राज्य सरकार का एक और तुगलकी फरमान
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बाड़मेर,बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल तर्कसंगत नहीं- अशोक गहलोत

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टिकोण से तर्कसंगत नहीं बताते हुए इसे राज्य सरकार का एक और 'तुगलकी फरमान' करार दिया है।

अशोक गहलोत ने रविवार को अपने बयान में कहा कि बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में गत 31 दिसंबर की मध्यरात्रि को आनन-फानन में किया गया फेरबदल राज्य सरकार का एक और 'तुगलकी फरमान' है। बायतु को बाड़मेर और गुड़ामालानी-धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने का फैसला प्रशासनिक दृष्टिकोण से बिल्कुल तर्कसंगत नहीं है। इससे गुड़ामालानी क्षेत्र की जनता के लिए जिला मुख्यालय की दूरी कम होने के बजाय और बढ़ गई है जो आमजन के साथ घोर अन्याय है।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि यह निर्णय जनता की सहूलियत के लिए नहीं बल्कि आगामी परिसीमन एवं सियासी समीकरणों को साधने के लिए लिया गया है। कांग्रेस सरकार ने प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने की मंशा से नए जिले बनाए थे लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार जनभावनाओं को दरकिनार कर केवल 'सियासी रोटियां' सेकने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि हम इस जनविरोधी निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।


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