Rajasthan News: छात्राओं के साथ प्राचार्य ने अर्धनग्न अवस्था में बांध में नहाया, निलंबित
प्रारंभिक जांच के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए 50 वर्षीय प्राचार्य लालाराम मीणा को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद की गई। विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में एक सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य का छात्राओं के साथ बांध पर जाने और कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रारंभिक जांच के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए 50 वर्षीय प्राचार्य लालाराम मीणा को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद की गई। विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी वायरल वीडियो और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
स्वतंत्रता दिवस के बाद छात्रों को बांध ले गए
मामला अलवर जिले के पड़ाकछापली गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त को स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के बाद प्राचार्य करीब 200 छात्र-छात्राओं को भ्रमण के लिए स्कूल के पास स्थित एक बांध पर लेकर गए थे। आरोप है कि वहां प्राचार्य ने विद्यार्थियों को पानी में उतरने और तैराकी सीखने के लिए कहा। बांध की गहराई करीब 11 फीट बताई जा रही है। इसी दौरान प्राचार्य के छात्राओं के साथ पानी में मौजूद रहने और कुछ छात्राओं को गोद में उठाने का वीडियो सामने आया। वीडियो को लेकर ग्रामीणों ने प्राचार्य के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पूरी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
छात्रों ने मोबाइल से बनाया वीडियो
बताया जा रहा है कि बांध के बाहर मौजूद कुछ विद्यार्थियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंचे और प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस और शिक्षा विभाग ने संभाला मामला
ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और मामले की जांच का आश्वासन दिया। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शकुंतला यादव भी गांव पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों को मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने का भरोसा दिया। इसके बाद स्थिति को शांत कराया गया। पुलिस थाना अधिकारी राजकुमार ने बताया कि मामले में छात्राओं और प्राचार्य के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। ग्रामीणों की ओर से प्राचार्य के खिलाफ शिकायत दी गई है।
प्रारंभिक जांच के बाद प्राचार्य निलंबित
जिला शिक्षा अधिकारी मनोज शर्मा के मुताबिक, मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्राचार्य के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभाग अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। बताया गया है कि बांध पर ले जाए गए विद्यार्थियों में 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राएं भी शामिल थीं। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।
कठूमर में शिक्षक पर भी आरोप
अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र से भी सरकारी स्कूल से जुड़ा एक अन्य मामला सामने आया है। यहां सातवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप में एक शिक्षक के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि शिक्षक ने कक्षा के दौरान छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया। छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन और कुछ ग्रामीण स्कूल पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसी दौरान शिक्षक के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। दोनों मामलों ने जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


