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राजस्थान के 'चुनावी बजट' में महंगाई का जिक्र नहीं, यह निराशाजनक: सचिन पायलट

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से विधानसभा में पेश बजट को चुनावी बजट बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने बजट में महंगाई का जिक्र नहीं कर आम आदमी को निराश किय

राजस्थान के चुनावी बजट में महंगाई का जिक्र नहीं, यह निराशाजनक:  सचिन पायलट
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जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से विधानसभा में पेश बजट को चुनावी बजट बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने बजट में महंगाई का जिक्र नहीं कर आम आदमी को निराश किया है।

राज्य बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पायलट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों व दूसरे वर्गों के लिए जो घोषणाएं की है उसे पूरा करने का सरकार के पास समय ही नहीं बचा है तो किसानों को कैसे लाभ पहुंचेगा।

किसानों के पचास हजार तक के सहकारी बैंकों के कर्ज माफ करने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में किसानों के 35 से 40 हजार करोड़ तक के कर्ज माफ किए हैं जबकि राजस्थान में पचास हजार रुपये में तो अच्छी भैंस भी नहीं खरीद सकते।

पायलट ने कहा कि उपचुनाव में करारी हार और कांग्रेस के लगातार दबाव के कारण इस बजट में किसानों के कर्ज माफ करने की घोषणा की गई है और सरकारी स्कूलों को पीपीपी मोड पर देने का निर्णय वापस लेना पड़ा है।

एक सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि उपचुनाव में हार के बाद यह बजट नुकसान की भरपाई की बजाय नुकसानदायक साबित होगा क्योंकि इसमें किसी वर्ग के लिए कुछ खास नहीं है।

बजट में घोषणाओं पर इन्हें पूरा करने की गारंटी के सवाल पर मुख्यमंत्री के जवाब, कि कोई गारंटी नहीं है, पर पायलट ने कहा कि उन्हें अपनी घोषणाएं पूरी करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

राजस्व घाटे पर पायलट ने कहा कि जब भाजपा शासन में आई तब प्रदेश पर एक लाख 21 हजार करोड़ का राजस्व घाटा था जो चार साल में बढ़कर दो लाख चालीस हजार करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा रिफाइनरी पर चार साल तक कोई काम नहीं करने के लिए मुख्यमंत्री को प्रदेश से माफी मांगनी चाहिए।


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