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भूपेश परिवार का सरकारी जमीन पर कब्जा, जांच में सही साबित

रायपुर ! राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के परिवार ने कुरुडीह में 77 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा किया है।

भूपेश परिवार का सरकारी जमीन पर कब्जा, जांच में सही साबित
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मुख्यमंत्री को सौंपी जांच रिपोर्ट, कार्रवाई होगी : राजस्व मंत्री
रायपुर ! राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के परिवार ने कुरुडीह में 77 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। जांच प्रतिवेदन में यह जानकारी सामने आई है। उन्होंने जांच प्रतिवेदन कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री केपास भेज दिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री फैसला करेंगे। राजस्व मंत्री का बयान आने के बाद एक बार फिर राजनीति गरमा गई है।
भूपेश बघेल के परिवार पर पाटन तहसील के ग्राम कुरुडीह में 77 एकड़ सरकारी जमीन कर कब्जा की शिकायत की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद जांच कमेटी गठित की गई थी। समिति ने अपना प्रतिवेदन जमा कर दिया है। स्वयं राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बघेल परिवार पर जांच में शिकायत सही पाई गई है। जांच प्रतिविेदन मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है। प्रतिवेदन पर कार्रवाई का फैसला मुख्यमंत्री को करना है। जनता कांग्रेस के नेताओं ने पिछले दिनों बघेल परिवार पर सरकारी जमीन हथियाने का आरोप लगाया था। उन्होंने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि भूपेश बघेल नने परिवार के जरिए सरकारी भूमि पर कब्जा किया है।
भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी देवी, पुत्र चेतन बघेल, पिता नंदकुमार बघेल, उनकी मां बिदेश्वरी बघेल के नाम पर 20 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। इसके अलावा बघेल के चाचा हरीश बघेल, चाची उज्जवला बघेल, उनके नाबालिग पुत्र, चाचा अश्वनी बघेल, पत्नी किरण बघेल, चचेरी बहन ज्योति के द्वारा सरकारी घास जमीन पर कब्जा किया गया है। जांच प्रतिवेदन आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में भूपेश बघेल घिरते नजर आ रहे हैं।
नैतिकता के आधार पर भूपेश इस्तीफा दे।
जनता कांग्रेस के प्रवक्ता एवं अजीत जोगी के राजनैतिक सचिव अशोक शर्मा ने परिजनों द्वारा 77 एकड़ जमीन हड़पने के मामले में भूपेश बघेल से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन तत्काल जिनकी जमीन है उन्हें जमीन का कब्जा दिलाया जाए। जिसमें कई आदिवासी भी है।
भूपेश को बदनाम करने की राजनैतिक साजिश : कांग्रेस
कमीशनखोरी के खिलाफ आंदोलन से सरकार ध्यान भटकाना चाहती है
कुरुदडीह में अवैध कब्जे की पुष्टि करने वाले राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे द्वारा बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश है। कांग्रेस की ओर से जारी बयान में मीडिया विभाग के चेयरमैन ज्ञानेश शर्मा ने कहा है कि कुरुदड़ीह में भूपेश बघेल जी के नाम पर कोई जमीन नहीं है और जो जमीन जायदाद वहां है वह पुश्तैनी संपत्ति है। बयान में कहा गया है कि यदि सरकार के पास ऐसी कोई रिपोर्ट है जिसमें अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो सरकार को उस पर समुचित कार्रवाई करनी चाहिए। श्री शर्मा ने कहा है, सरकार के पास पूरा अमला है जो समुचित कार्रवाई करने में सक्षम है इसलिए राजनीतिक बयान देने की बजाय इस पर कानून सम्मत कार्रवाई करनी चाहिए।
बयान में कहा गया है कि राजस्व मंत्री का यह बयान एक राजनीतिक षडयंत्र के तहत दिया गया है ताकि लोगों का ध्यान मुख्यमंत्री रमन सिंह के कमीशनखोरी वाले बयान से भटकाया जा सके। मीडिया विभाग के चेयरमैन ने कहा है कि कांग्रेस द्वारा कमीशनखोरी वाले बयान पर 10000 नुक्कड़ सभाएं करने और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का पुतला जलाने के कार्यक्रम से सरकार सकते में है और उसे समझ में नहीं आ रहा है कि इसका मुकाबला कैसे किया जाएगा, इसीलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि दूसरा मामला जिससे सरकार ध्यान भटकाना चाहती है वह रायगढ़ के कुनकुनी का है, जिसमें एक आदिवासी की मौत के मामले में अनुसूचित जनजाति आयोग ने नोटिस जारी किया है. अजजा आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ सदस्य नंदकुमार साय हैं और अगर फिर भी आयोग ने नोटिस जारी करने योग्य माना है तो मामला संगीन ही दिखता है। कुनकुनी में आदिवासियों की जमीनें हड़पने और फर्जी नाम से जमीनें खरीदने के मामले में आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल के रिश्तेदार शामिल हैं और सरकार घबराई हुई है कि कहीं भ्रष्टाचार और एक आदिवासी की हत्या के अपराध की कलई न खुल जाए। कांग्रेस ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल पहले ही यह चुनौती दे चुके है कि सरकार उनकी सारी जमीनें नपवा ले और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे। बयान में कहा गया है कि राजस्व मंत्री बयान देकर मुख्यमंत्री के मित्र की भी सहायता करने की कोशिश कर रहे है जो उनके साथ लोकतंत्र के चीरहरण के आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे है।


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