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धान खरीदी में गड़बड़ी पर घिरे सहकारिता मंत्री

रायपुर । धान खरीदी, परिवहन व सूखत के चलते तीन वर्षों में करीब सात सौ करोड़ गड़बड़ी का मामला आज विधानसभा में गूंजा।

धान खरीदी में गड़बड़ी पर घिरे सहकारिता मंत्री
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रायपुर । धान खरीदी, परिवहन व सूखत के चलते तीन वर्षों में करीब सात सौ करोड़ गड़बड़ी का मामला आज विधानसभा में गूंजा। सहकारित मंत्री दयालदास बघेल ने अपने जवाब में कहा अनियमितता के लिए दोषी पाए जाने पर 27 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। 18 कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया गया है। 9 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। परिवहनकर्ताओं से भी करोड़ों रूपए की रिकवरी की गई है। कांग्रेस के सदस्यों ने मामले की सीबीआई से जांच कराने मांग की। मंत्री ने कहा दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच चल रही है। श्री बघेल के जवाब से कांग्रेसी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। विरोध स्वरूप नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।
प्रश्नकाल में यह मामला कांग्रेस के भूपेश बघेल ने उठाया था। मंत्री ने अपने जवाब में बताया वर्ष 2013-14 में धान का उठाव देरी से किया गया इसके कारण धान के सूखत में कमी आई। अधिक वर्षा, परिवहन में देरी, प्राकृतिक आपदा व पर्याप्त मात्रा में एफसीआई को रैक नहीं मिलने से धान का 14 माह तक उठाव चलता रहा। जिससे करीब 378 करोड़ का नुकसान हुआ इसके बाद वर्ष 3015-16 में इसमें कमी आई।
भूपेश बघेल ने काफी मात्रा में सूखत पर सवाल उठाते हुए कहा जहां पर सडक़ों का जाल है वहां अधिक कर्मी पाई गई। बस्तर व अन्य सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सूखत कम पाया गया। उन्होंने कहा वर्ष 2013-14 में विधानसभा व लोकसभा चुनाव हुए थे इस कारण 378 करोड़ का नुकसान हुआ। उन्होंने इस मामले की जांच कराने मांग की। सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने अपने जवाब में कहा मामले की जांच चल रही है। वर्ष 2013-14 में गड़बड़ी पाए जाने पर 1064 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है।
इसी तरह वर्ष 2014-15 में 978 कर्मचारियों को तथा 2015-16 में 230 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया था। मामले की जांच चल रही है। अब तक सरकार ने 27 कर्मचारियों को निलंबित करने के साथ ही 18 कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया गया है वहीं 223 उपार्जन केन्द्र को धान खरीदी कार्य से बाहर कर दिया गया है। 9 अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है।
भूपेश बघेल ने पूरक प्रश्नों की झड़ी लगाते हुए कहा परिवहन में काफी गड़बड़ी हुई है जिसमें राजस्व हानि हुई है उनके कितनी राशि वसूल की गई है। मंत्री ने बताया वर्ष 2013-14 में 56 लाख, 14-15 में 47 लाख व 15-16 में 18 लाख वसूली की गई। श्री बघेल ने आरोप लगाया कि अमानक धान के नाम पर 104 करोड़ की गड़बड़ी हुई है।
उन्होंने इन तीन वर्षों में करीब 684 करोड़ के नुकसान का आरोप लगाते हुए सीबीआई से जांच कराने मांग की। मंत्री ने बताया मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। सीबीआई से जांच कराने से इंकार करते हुए कहा किसी भी दोषी अधिकारी-कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके जवाब से कांग्रेसी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। सदन में नारेबाजी करते हुए बाहर चले गए।


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