पं. रविशंकर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में 55 छात्रों को मिले 105 मेडल
रायपुर ! पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में भिलाई की शाहिस्ता को ओवरऑल यूनिवर्सिटी टॉपर से सम्मानित किया गया।

भारतीय वेशभूषा में छात्रों ने कुर्ता पायजामा व छात्राओं ने साड़ी पहनकर दीक्षांत में लिया हिस्सा
शाहिस्ता बनीं ओवरऑल टॉपर, मिले 7 गोल्ड मेडल
रायपुर ! पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में भिलाई की शाहिस्ता को ओवरऑल यूनिवर्सिटी टॉपर से सम्मानित किया गया। उन्हें सात विषयों में सर्वाधिक 7 गोल्ड मेडल मिले हैं। भिलाई महिला महाविद्यालय की बीएससी की छात्रा शाइस्ता ने मैथेमेटिक्स से संबंधित विभिन्न विषयों में पूरे रविवि में टॉप किया है। इस मौके पर कुल 55 छात्रों को 105 मेडल दिए गए। वहीं 76 छात्राओं और 18 रिसर्च स्कॉलर छात्र शाामिल हैं।
120 शोथ छात्रों को पीएचडी उपाधि
विवि में विभिन्न कक्षाओं में प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को 128 मेडल दिए गए। इसमें पहली बार 46 छात्राओं और 20 छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। वहीं 120 शोध छात्रों को पीएचडी उपाधि दी गई। इस दीक्षांत समारोह की खास बात यह रही कि बीते वर्ष से शुरू की गई नई परंपरा के तहत गाउन की जगह भारतीय वेशभूषा में छात्रों ने उपाधि ग्रहण किए। छात्रों ने कुर्ता-पायजामा पहने तो छात्राओं ने साड़ी पहनकर दीक्षांत में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेएनयू राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक व कुलपति डॉ. आशीष दत्ता ने छात्रों को उपाधि प्रदान की। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति राज्यपाल बलरामजी दास टंडन ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी छात्रों को उपाधि प्रदान कर उनका हौंसला बढ़ाया और राज्य की तरक्की में सहभागी बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, रायपुर के सांसद रमेश बैस, कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे।
समारोह को प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मभूषण प्रो. आशीष दत्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश के भविष्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जो भी काम करो, दिल से करो और अपने स्वयं के बनाए हुए रास्ते पर चलो। उन्होंने कहा कि हमेशा कुछ नया काम, नया अनुसंधान करने की कोशिश करें। किसी भी कार्य को मेहनत और लगन से करें तो अवश्य ही सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई।
राज्यपाल टंडन ने कहा कि केवल डिग्री हासिल करने से सफलता नहीं मिलती। स्कूल कॉलेज के अनेक इम्तिहान उत्तीर्ण करने के बाद अब सबको जिंदगी का इम्तिहान देना है। इस इम्तिहान के लिए अभी तक जो भी ज्ञान अर्जित किया है, उसका उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि संघर्ष एवं कठिनाईयों से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। जीवन में कभी भी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोडऩा चाहिए, बाधाओं से घबराना नहीं चाहिए, उनका हमेशा हंसकर मुकाबला करना चाहिए। अनेक लोग सफलता मिलने के बाद लापरवाह हो जाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबके दमकते हुए चेहरे और आत्मविश्वास से भरी चाल को देखकर मैं आश्वस्त हो गया हूं कि प्रदेश का भविष्य मजबूत कंधों पर है। उन्होंने कहा कि आपमें विवेक, ज्ञान और प्रतिभा का भंडार है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि युवा यदि दृढ़ संकल्प और विश्वास के साथ कोई भी कार्य करें तो वे हर ऊंचाई छू सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत यहां के युवा हैं और उनसे सभी को बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सतत् प्रयास कर रही है।
समारोह के प्रारंभ में कुलपति डॉ. एस. के. पाण्डे ने प्रास्ताविक भाषण दिया। विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. दत्ता को डी.एस.सी. की मानद उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर 120 विद्यार्थियों को पी.एच.डी. एवं 66 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये गये। इस अवसर पर कुल सचिव धर्मेश कुमार साहू, सभी संकायों के डीन, प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं पालक उपस्थित थे।


