वेतन पुनरीक्षण बिजली कर्मियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
रायपुर ! छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के कर्मियों का वेतन पुनरीक्षण 1 अप्रैल 2014 से किया जाना था लेकिन तीन वर्ष बाद भी बिजली कर्मियों को नया वेतनमान नहीं दिया जा रहा है।

रायपुर ! छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के कर्मियों का वेतन पुनरीक्षण 1 अप्रैल 2014 से किया जाना था लेकिन तीन वर्ष बाद भी बिजली कर्मियों को नया वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। जिससे बिजली कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वेतन पुनरीक्षण को लेकर बिजली कर्मियों व अधिकारियों की आज संयुक्त बैठक हुई। जिसमें प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट करने रणनीति तैयार की गई। बिजली संगठनों ने बैठक में निर्णय लिया कि अगर जल्द ही बिजली कर्मियों को वेतन पुनरीक्षण का लाभ नहीं दिया जाता तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों एवं अधिकारियों की संयुक्त संगठनों की बैठक 27 अप्रैल को हुई थी। बैठक में सभी संगठनों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारी एवं अधिकारियों को देय वेज रिवीजन लागू करने में तीन वर्ष से अधिक विलंब के चलते असंतोष एवं आक्रोश जताया गया। मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी 2016 से प्रदेश कर्मियों को सांतवा वेतनमान देने की घोषणा कर दी गई है। इसका लाभ जुलाई 2017 से प्रदेशकर्मियों को मिलने लगेगा। वहीं बिजली कर्मियों को अब तक वेज रिवीजन का लाभ नहीं मिल रहा है। 1 अप्रैल 2014 से देय वेज रिविजन पर विद्युत मंडल प्रशासन वेज रिवीजन समिति ने अपनी अनुशंसा जनवरी 2015 को दे दी थी। समिति ने वेतनमान में 15 फीसदी बेनीफीट के साथ वेज रिविजन करन ेकी अनुशंसा समिति के अध्यक्ष एसके मिश्रा एवं पूर्व अध्यक्ष नियामक आयोग तथा शरदचंद्र पूर्व सदस्य छत्तीसगढ़ नियामक आयोग के द्वारा कर्मचारी संगठनों, अधिकारी संगठनों एवं छत्तीसगढ़ विद्युत प्रशासन से चर्चा के उपरांत प्रस्तुत की थी। उक्त सिफारिश को छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों द्वारा उचित बताया गया है। इसे विद्युत प्रबंधन द्वारा आंतरिक विनिमय समिति से विवेचना के पश्चात उपयुक्त पाया गया लेकिन विद्युत प्रबंधन अनावश्यक रुप से इन सिफारिशों को लागू करने में विलंब कर रहा है। जिसके कारण कंपनी के कर्मचारियों एवं अधिकारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। बिजली कर्मियों के संयुक्त संगठनों ने पावर कंपनी प्रबंधन से 1 अप्रैल 2014 देय वेज रिविजन को तत्काल लागू करने की मांग की है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन के पीके खरे ने बताया कि विद्युत कंपनी प्रबंधन द्वारा संयुक्त अधिकारी-कर्मचारी संगठनों से चर्चा के दौरान अंतरिम राहत 9 जुलाई 2015 को 7.5 फीसदी देने के उपरांत लिखित रुप में आकृष्ट कराया गया था कि आगामी दो माह के भीतर नया वेतनमान लागू कर दिया जाएगा लेकिन उसके बाद पावर कंपनी प्रबंधन अपने वायदे से मुकर रहा है। वेज रिवीजन को लेकर आज कर्मचारियों एवं अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई जिसमें वेज रिवीजन तत्काल लागू करने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया गया। अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने विद्युत मंडल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि अगर सप्ताह भर के भीतर संयुक्त चर्चा कर इस संबंध में उचित कार्रवाई नहीं की जाती तो बिजली कर्मी आंदोलन करने बाध्य होंगे। बिजली कर्मियों एवं अधिकारियों की संयुक्त समिति द्वारा 18 मई को महागेट मिटिंग का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान अगर पावर कंपनी प्रबंधन द्वारा वेतन पुनरीक्षण को लेकर उचित निर्णय नहीं दिया जाता तो बिजली कर्मी आंदोलन करने बाध्य होंगे।


