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पंजाब की महिलाओं ने सशस्त्र बलों के लिए 1,100 खास राखियां तैयार कीं

स्थानीय महिला कल्याण समिति ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और आभार जताया है। इसके लिए समिति द्वारा तैयार की गई 1,100 खास राखियां रविवार को सेना को समर्पित की गईं। यह कार्यक्रम पंजाब के फाजिल्का जिले से कुछ किलोमीटर दूर स्थित आसफवाला युद्ध स्मारक पर 'राखी सरहद के नाम—राष्ट्रीय रक्षा का सम्मान, बहनों का गौरव' नाम से राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के तौर पर आयोजित किया गया था।

पंजाब की महिलाओं ने सशस्त्र बलों के लिए 1,100 खास राखियां तैयार कीं
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फाजिल्का। स्थानीय महिला कल्याण समिति ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और आभार जताया है। इसके लिए समिति द्वारा तैयार की गई 1,100 खास राखियां रविवार को सेना को समर्पित की गईं। यह कार्यक्रम पंजाब के फाजिल्का जिले से कुछ किलोमीटर दूर स्थित आसफवाला युद्ध स्मारक पर 'राखी सरहद के नाम—राष्ट्रीय रक्षा का सम्मान, बहनों का गौरव' नाम से राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के तौर पर आयोजित किया गया था।

इस कार्यक्रम में देशभक्ति, आभार और सेना के प्रति सम्मान की भावना साफ देखी गई।

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए।

समिति की महिला सदस्यों द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति समाज का सम्मान और आभार हमेशा बना रहना चाहिए।

लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क और सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे।

कार्यक्रम में उन सैनिकों के साहस और समर्पण को याद किया गया जो बेहद मुश्किल हालात में सीमाओं पर तैनात रहते हैं।

उनके इसी समर्पण की वजह से नागरिक अपने परिवारों के साथ सुरक्षित रह पाते हैं, जबकि सैनिक देश की सेवा में अपने प्रियजनों से दूर रहते हैं।

आसफवाला वॉर मेमोरियल का माहौल भावुक और देशभक्ति से भरा हुआ था।

महिला सदस्यों ने सैनिकों के प्रति अपना सम्मान और स्नेह व्यक्त किया और देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।

1,100 राखियां भेंट करना, देश के रक्षकों के प्रति बहनों के प्यार, आभार और सम्मान का एक सशक्त इजहार बन गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सशस्त्र बलों के बलिदान, साहस और समर्पण से जोड़ना भी था।

समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं और लोगों की भागीदारी ने एक मजबूत संदेश दिया कि समुदाय देश की रक्षा करने वाले हर सैनिक के साथ मजबूती से खड़ा है।

आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए केजीएफ टीम, आसफवाला वॉर मेमोरियल कमेटी और नागरिक प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

ऐतिहासिक आसफवाला वॉर मेमोरियल में इस पहल के आयोजन ने इस अवसर को विशेष महत्व दिया और याद, सम्मान और राष्ट्रीय गौरव के संदेश को और मजबूत किया।


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