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AAP से BJP में शामिल हुए विक्रमजीत सिंह साहनी का दावा, केजरीवाल ने खुद इस्तीफा देने को कहा था

साहनी के मुताबिक, 22 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने उन्हें एक बैठक के लिए बुलाया था। इस बैठक में केजरीवाल ने उनसे पूछा कि क्या उन पर किसी तरह का दबाव है। इस पर साहनी ने साफ कहा कि वह किसी दबाव में नहीं हैं।

AAP से BJP में शामिल हुए विक्रमजीत सिंह साहनी का दावा, केजरीवाल ने खुद इस्तीफा देने को कहा था
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नई दिल्‍ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद सियासत लगातार गरमाई हुई है। इस बीच पंजाब से सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने खुद उनसे मुलाकात कर सांसद पद से इस्तीफा देने का सुझाव दिया था।

केजरीवाल से हुई थी मुलाकात

साहनी के मुताबिक, 22 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने उन्हें एक बैठक के लिए बुलाया था। इस बैठक में केजरीवाल ने उनसे पूछा कि क्या उन पर किसी तरह का दबाव है। इस पर साहनी ने साफ कहा कि वह किसी दबाव में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसी दौरान केजरीवाल ने उन्हें सुझाव दिया कि वे सांसद पद से इस्तीफा देने पर विचार कर सकते हैं। साहनी ने कहा, “मैंने उनसे कहा कि मैं इस बारे में सोचूंगा। मेरा मन भी बन गया था, लेकिन बाद में मेरे सलाहकारों ने मुझे ऐसा न करने की सलाह दी।”

दल-बदल की जानकारी देने से किया इनकार

साहनी ने उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने पहले ही केजरीवाल को यह जानकारी दे दी थी कि AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने इसे “पूरी तरह गलत और भ्रामक” बताया। साहनी के अनुसार, उन्होंने कभी भी इस तरह की कोई जानकारी पार्टी नेतृत्व को नहीं दी थी।

पंजाब के हित में लिया फैसला

BJP में शामिल होने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए साहनी ने कहा कि उन्होंने यह कदम पूरी तरह स्वेच्छा से उठाया है। उनका मानना है कि भाजपा के साथ जुड़कर वह पंजाब की बेहतर सेवा कर पाएंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। मैं इसे ICU की स्थिति जैसा मानता हूं। ऐसे में राज्य को मजबूत केंद्रीय सहयोग की जरूरत है, जो भाजपा के माध्यम से बेहतर तरीके से मिल सकता है।”

गद्दारी के आरोपों को किया खारिज

AAP की ओर से लगाए जा रहे “गद्दारी” के आरोपों पर भी साहनी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो पंजाब और न ही पंजाबियों के साथ कोई विश्वासघात किया है। साहनी ने कहा, “हम पंजाब के लिए काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें हजारों युवाओं को रोजगार देने की योजना शामिल है।”

CM भगवंत मान और केजरीवाल पर चुप्पी

साहनी ने स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान या अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें AAP से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने कभी औपचारिक रूप से AAP जॉइन नहीं की थी, लेकिन जो मौका मिला उसके लिए हम आभारी हैं। मुझे न केजरीवाल से कोई गिला है और न ही सीएम मान से। मैं उनके खिलाफ कभी कुछ नहीं बोलूंगा।”

कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा

AAP द्वारा सातों सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग पर साहनी ने कहा कि यह एक कानूनी मामला है और इसका फैसला संवैधानिक संस्थाएं करेंगी। उन्होंने कहा, “यह मामला राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के दायरे में आएगा। जहां तक मेरी जानकारी है, दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से विलय का प्रावधान होता है, और हमने उसी के तहत कदम उठाया है।”

इस्तीफे से किया इनकार

साहनी ने साफ कर दिया कि वह सांसद पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि समाजसेवा के उद्देश्य से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम अपना काम जारी रखेंगे और पंजाब के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस्तीफा देना कोई विकल्प नहीं है।”


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