Top
Begin typing your search above and press return to search.

पंजाब में आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्ती, शेल्टर होम बनाने और सुप्रीम कोर्ट निर्देश लागू करने की घोषणा

मुख्यमंत्री मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और भयमुक्त बनाने के लिए व्यापक कदम उठाएगी। उनका कहना है कि शहरों और कस्बों में लोगों को बिना डर के घूमने-फिरने का अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

पंजाब में आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्ती, शेल्टर होम बनाने और सुप्रीम कोर्ट निर्देश लागू करने की घोषणा
X

चंडीगढ़। पंजाब में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गंभीर चिंता जताई है। हाल के दिनों में राज्य के कई हिस्सों में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू करेगी और साथ ही लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने की योजना

मुख्यमंत्री मान ने घोषणा की है कि पंजाब सरकार सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित और भयमुक्त बनाने के लिए व्यापक कदम उठाएगी। उनका कहना है कि शहरों और कस्बों में लोगों को बिना डर के घूमने-फिरने का अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य यह है कि बच्चे, बुजुर्ग और परिवार खुले वातावरण में सुरक्षित महसूस कर सकें और आवारा कुत्तों के हमलों का खतरा कम किया जा सके।

भीड़भाड़ वाले इलाकों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते

मुख्यमंत्री ने बताया कि आवारा कुत्तों को विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों से हटाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई करें ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या जनसुरक्षा में बाधा न आए।

शेल्टर होम और देखभाल की व्यवस्था

सरकार ने आवारा कुत्तों के लिए विशेष शेल्टर होम बनाने की योजना भी घोषित की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में आवश्यक संख्या में डॉग शेल्टर स्थापित किए जाएंगे, जहां इन जानवरों की उचित देखभाल की जाएगी। इन शेल्टर होम में कुत्तों को सुरक्षित वातावरण, भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम मानव सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है।

रेबीज और खतरनाक मामलों में कानूनी कार्रवाई

मुख्यमंत्री मान ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन आवारा कुत्तों में रेबीज जैसी गंभीर और लाइलाज बीमारी पाई जाएगी या जो अत्यधिक आक्रामक और मानव जीवन के लिए खतरा बन चुके हैं, उनके मामलों में कानूनी रूप से स्वीकृत कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पशुओं पर क्रूरता निवारण अधिनियम और एबीसी (Animal Birth Control) नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। सरकार का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं कानून के दायरे में रहकर और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर की जाएंगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन

पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों से संबंधित सभी कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही उठाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य केवल हटाना नहीं, बल्कि एक संतुलित समाधान तैयार करना है जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा और पशु अधिकार दोनों का ध्यान रखा जाए।

नागरिकों की सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं ने राज्य में व्यापक चिंता पैदा की है। कई इलाकों में लोग अकेले बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है और सरकार को इस पर निर्णायक कार्रवाई करनी ही होगी।

मानवीय और कानूनी समाधान पर फोकस

सरकार ने दोहराया है कि वह इस समस्या का समाधान केवल कठोर कदमों से नहीं, बल्कि मानवीय और कानूनी दृष्टिकोण से भी करेगी। शेल्टर होम, चिकित्सा सुविधा और जनजागरूकता जैसे उपायों को भी इस योजना का हिस्सा बनाया जाएगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it