पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या, पिता ने लगाए आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, परमिंदर सिंह झोटा अपनी टीम के साथ एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी कर रहे थे। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा को कई गोलियां लगीं।

मानसा: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले चर्चित कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की मंगलवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमले में उनके साथ मौजूद तीन अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें मानसा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। झोटा लंबे समय से पंजाब में नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री और युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनके पिता ने हत्या के पीछे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंजाब सरकार और मानसा के विधायक विजय सिंगला से कथित संबंधों का भी दावा किया है।
मेडिकल स्टोर पर विवाद के दौरान गोलीबारी का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, परमिंदर सिंह झोटा अपनी टीम के साथ एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी कर रहे थे। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा को कई गोलियां लगीं। हालांकि, वारदात की पूरी परिस्थितियों और गोली चलाने वाले व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोलीबारी के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। झोटा के साथ मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और उन्हें तत्काल मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने परमिंदर सिंह झोटा को मृत घोषित कर दिया। हमले में घायल कुलविंदर सिंह, गोबिंद सिंह और बलतेज सिंह का अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा है।
नशे की अवैध बिक्री के खिलाफ चलाते थे अभियान
परमिंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ सक्रिय थे। वह खास तौर पर हेरोइन, जिसे स्थानीय तौर पर ‘चिट्टा’ कहा जाता है, और मेडिकल स्टोर से कथित तौर पर अवैध रूप से बेची जाने वाली नशीली दवाओं के मुद्दे उठाते थे। बताया जाता है कि झोटा अपनी टीम के साथ उन दुकानों पर पहुंचते थे, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री होने का संदेह होता था। इन गतिविधियों को वह सोशल मीडिया पर प्रसारित कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करते थे। उनकी मुहिम से जुड़े लोगों का दावा है कि इस अभियान ने क्षेत्र में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभाई थी। फिलहाल, इसी अभियान या किसी पुरानी रंजिश के कारण हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पिता ने सरकार और विधायक से जुड़े लोगों पर लगाए आरोप
हत्या के बाद परमिंदर सिंह झोटा के पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके बेटे की हत्या नशे के कारोबार से जुड़े ऐसे लोगों ने की, जिन्हें पंजाब सरकार और मानसा के विधायक विजय सिंगला का समर्थन प्राप्त है। इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों का जवाब और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। परमिंदर सिंह झोटा की उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है। उनके परिवार में पत्नी, छह और नौ साल के दो बेटे तथा माता-पिता हैं। उनकी हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस ने शुरू की जांच, इलाके में सुरक्षा बढ़ाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को सुरक्षित किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। हमलावरों की तलाश और वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से मामले के सभी पहलुओं की जांच किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और हत्या के संभावित कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
मौत के बाद मालवा क्षेत्र में आक्रोश
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या की खबर फैलने के बाद मानसा में लोगों की भीड़ जुटने लगी। नशे के खिलाफ उनकी सक्रियता के कारण स्थानीय स्तर पर उन्हें पहचान मिली थी। उनकी मुहिम से प्रेरित होकर मालवा क्षेत्र के कुछ गांवों में नशे की रोकथाम के लिए समितियां बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अब मामले में पुलिस जांच और आरोपियों की पहचान को लेकर लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं।


