अमित शाह ने ‘नशा मुक्त पंजाब’ को बनाया BJP का चुनावी मुद्दा, 2029 तक चिट्टा मुक्त करने का वादा
भाजपा ने नशे के मुद्दे को राज्य में अपने राजनीतिक अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर अभियान चलाया। 18 सितंबर से शुरू हुई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ चार अलग-अलग मार्गों से होकर गुजरी और करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की।

जालंधर: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने प्रमुख चुनावी मुद्दे का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में ‘नशा मुक्त रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव ‘नशा मुक्त पंजाब’ के मुद्दे पर लड़ेगी। उन्होंने पंजाब के युवाओं और माताओं से वादा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो 31 दिसंबर 2029 तक राज्य को ‘चिट्टा’ मुक्त करने का लक्ष्य रखा जाएगा। अमित शाह ने अपने भाषण में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर पंजाब में नशे की समस्या बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद नशीले पदार्थों की बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। ये आरोप भाजपा और अमित शाह की ओर से लगाए गए हैं।
चार हजार किलोमीटर चली ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
भाजपा ने नशे के मुद्दे को राज्य में अपने राजनीतिक अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर अभियान चलाया। 18 सितंबर से शुरू हुई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ चार अलग-अलग मार्गों से होकर गुजरी और करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। भाजपा के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया गया। पार्टी का कहना है कि अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और लोगों को इस मुद्दे से जोड़ना था।
जालंधर रैली के साथ अभियान का समापन
जालंधर में अमित शाह की रैली के साथ भाजपा के इस अभियान का समापन हुआ। भाषण की शुरुआत उन्होंने ‘सत श्री अकाल’ के अभिवादन से की। उन्होंने पंजाब की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए गुरुओं, महाराजा रणजीत सिंह, सरदार तेजा सिंह समूंदरी और भगत सिंह को नमन किया। शाह ने कहा कि पंजाब देश के अन्न भंडार को भरने वाले किसानों और देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले जवानों के लिए जाना जाता है। उनके मुताबिक, राज्य के सामने अब नशे की समस्या एक बड़ी चुनौती के रूप में मौजूद है।
2029 तक ‘चिट्टा मुक्त पंजाब’ का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि भाजपा पंजाब को 31 दिसंबर 2029 से पहले चिट्टा मुक्त करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने नशीले पदार्थों की बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी ऐलान किया। शाह ने कहा कि पंजाब का विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक राज्य का युवा नशे की समस्या से बाहर नहीं आता। उन्होंने नशे के साथ महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और राज्य की सुरक्षा को भी चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाया।
AAP सरकार पर शाह का हमला
केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार पंजाब में नशे की समस्या को रोकने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि नशे का कारोबार बढ़ा है और इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। शाह ने दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए AAP पर राजनीतिक हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों पर दिल्ली में शराब नीति को लेकर आरोप लगे, वे पंजाब को नशे से कैसे मुक्त कर सकते हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों के अपने जवाब और राजनीतिक मत रहे हैं।
‘एक मौका BJP को दे दो’
अमित शाह ने पंजाब की जनता से भाजपा को एक मौका देने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस और AAP को मौका दिया जा चुका है और अब भाजपा को मौका दिया जाना चाहिए। शाह ने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आने पर पंजाब को बदलने और नशे की समस्या के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने खास तौर पर युवाओं को नशे से दूर करने को राज्य के विकास से जोड़ते हुए इसे अपनी पार्टी की चुनावी प्राथमिकताओं में रखा।
नशा बना प्रमुख राजनीतिक मुद्दा
2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा ने नशे के मुद्दे को अपनी चुनावी रणनीति के केंद्र में रखने का संकेत दे दिया है। पार्टी का अभियान और अमित शाह की घोषणा इस बात को रेखांकित करती है कि भाजपा पंजाब में नशे की समस्या को कानून-व्यवस्था, युवा और विकास से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है।
वहीं, आगामी चुनाव में AAP, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर क्या रणनीति अपनाते हैं, यह पंजाब के चुनावी विमर्श को प्रभावित करेगा। फिलहाल भाजपा ने ‘नशा मुक्त पंजाब’ के लक्ष्य को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रमुख राजनीतिक संदेश के रूप में सामने रखा है।


