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वायरल वीडियो पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जवाब, बोले- 1191 फ्रेम में एक भी चेहरा या कद मुझसे मेल नहीं खाता

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय और पंजाब के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए धर्म का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे प्रयासों से सावधान रहें और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार का शिकार न बनें।

वायरल वीडियो पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का जवाब, बोले- 1191 फ्रेम में एक भी चेहरा या कद मुझसे मेल नहीं खाता
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चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक कथित वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह पूरी तरह फर्जी है और उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने गुरुवार को एक्स, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर जारी एक वीडियो संदेश में दावा किया कि संबंधित वीडियो के 1191 फ्रेम की वैज्ञानिक जांच कराई गई है और उनमें से कोई भी फ्रेम उनके चेहरे, शारीरिक बनावट, कद या व्यक्तित्व से मेल नहीं खाता। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताते हुए कहा कि कुछ ताकतें पंजाब की प्रगति और जनता से मिल रहे समर्थन को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।

अकाल तख्त ने वीडियो को बताया था वास्तविक

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब 15 जून को अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब में पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो को वास्तविक बताया था। इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने ताजा वीडियो संदेश में इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो की जांच पंजाब से बाहर स्थित दो स्वतंत्र फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में कराई गई है और दोनों रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से वीडियो को उनके साथ असंबंधित बताया गया है।

सिख समुदाय से भावनात्मक अपील

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय और पंजाब के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए धर्म का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे प्रयासों से सावधान रहें और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार का शिकार न बनें। भगवंत मान ने कहा कि विरोधी दल अपनी घटती राजनीतिक स्थिति को बचाने के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब के लोगों का समर्थन उनके साथ है, तब तक वे किसी भी झूठे अभियान से विचलित नहीं होंगे।

डीजीपी को दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को निर्देश दिए हैं कि इस वीडियो को तैयार करने, इसके लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले सभी लोगों की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि चाहे इस साजिश में शामिल लोग दुनिया के किसी भी हिस्से में क्यों न हों, उन्हें कानून के दायरे में लाकर जनता और संगत के सामने लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे पंजाब की छवि और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ षड्यंत्र करार दिया।

आप नेताओं ने सार्वजनिक की फोरेंसिक रिपोर्ट

इस मामले में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के समर्थन में सामने आकर दोनों फोरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक कीं। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने दावा किया कि तकनीकी जांच से स्पष्ट हो गया है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान वीडियो के 1191 फ्रेम का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इसमें चेहरे की बनावट, नैन-नक्श, कद, शरीर की संरचना, खड़े होने की शैली, चलने-फिरने के पैटर्न, साइड प्रोफाइल और पीछे से दिखाई देने वाले शारीरिक आकार समेत कई पहलुओं का परीक्षण किया गया।

कद और शारीरिक बनावट में भी मिला अंतर

फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की अनुमानित लंबाई करीब 5 फुट 10 इंच है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान की लंबाई लगभग 5 फुट 8 इंच बताई गई है। इसके अलावा चेहरे और शरीर की अन्य विशेषताओं में भी स्पष्ट अंतर पाया गया है। आप नेताओं का कहना है कि वैज्ञानिक जांच से यह साबित हो चुका है कि वीडियो का मुख्यमंत्री से कोई संबंध नहीं है और इसे राजनीतिक उद्देश्य से फैलाया गया।

'राजनीतिक इतिहास की सबसे शर्मनाक साजिश'

प्रदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इस पूरे अभियान को भारतीय राजनीति में किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को बदनाम करने की सबसे शर्मनाक कोशिशों में से एक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व जानबूझकर झूठे वीडियो के जरिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, आम आदमी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी गौरव यादव से मुलाकात कर पूरे मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस कथित फर्जी वीडियो के पीछे मौजूद सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।


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