नगर निगम फगवाड़ा का 4479 लाख का बजट पास
पंजाब के नगर निगम फगवाड़ा ने मेयर राम पाल उप्पल की अध्यक्षता में सोमवार को सिटी क्लब में आयोजित बजट बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4479.10 लाख रूपये का बजट पारित किया

वेतन-खर्चों पर सबसे बड़ा हिस्सा, विकास को 32% फंड
- संपत्ति कर और जीएसटी से होगी आय का बड़ा हिस्सा
फगवाड़ा। पंजाब के नगर निगम फगवाड़ा ने मेयर राम पाल उप्पल की अध्यक्षता में सोमवार को सिटी क्लब में आयोजित बजट बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4479.10 लाख रूपये का बजट पारित किया। बैठक में नगर निगम आयुक्त शिखा भगत, पार्षदों और अधिकारियों ने भाग लिया। बजट में आय-व्यय का संतुलित अनुमान प्रस्तुत किया गया है, हालांकि मूलभूत सुविधाओं को लेकर चिंताएं भी सामने आईं।
नगर निगम की कुल आय 4479.10 लाख रूपये आंकी गई है। राजस्व के प्रमुख स्रोतों में 750 लाख रूपये संपत्ति कर से तथा 2500 लाख रूपये वैट और जीएसटी हिस्सेदारी से प्राप्त होने का अनुमान है। इसके अलावा 60 लाख रूपये विज्ञापन कर, 620 लाख रूपये भवन नक्शा एवं नियमितीकरण शुल्क, 55 लाख रूपये लीज मनी और 494.10 लाख रूपये विभिन्न मदों में वसूली से प्राप्त होने की संभावना जताई गई है। इससे स्पष्ट है कि निगम की आय मुख्यतः करों और सरकारी हिस्सेदारी पर निर्भर है।
व्यय पक्ष में 2812 लाख रूपये वेतन और स्थापना खर्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो कुल बजट का बड़ा हिस्सा है। 215.10 लाख रूपये आकस्मिक खर्चों के लिए रखे गए हैं। विकास कार्यों के लिए 1452 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का लगभग 32.4 प्रतिशत है। बजट में स्वास्थ्य, सफाई, इंजीनियरिंग, जल आपूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, अग्निशमन सेवाएं आदि विभागों के लिए भी राशि निर्धारित की गई है। विकास मद के अंतर्गत सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत, सीवरेज और ड्रेनेज सुधार, पार्कों का विकास, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, नगर निगम भवनों के रखरखाव तथा स्लम सुधार योजनाओं पर खर्च प्रस्तावित है। ईंधन, वाहन रखरखाव, कार्यालय व्यय और सार्वजनिक उपयोगिताओं के खर्च भी शामिल किए गए हैं।
बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद संजीव बुग्गा ने शहर में कई बुनियादी समस्याओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने खराब स्ट्रीट लाइटों, अपर्याप्त ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था, प्रभावी एनिमल बर्थ कंट्रोल केंद्रों की कमी, बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या और विज्ञापन ठेकों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। इन मुद्दों ने बजटीय प्रावधानों और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के बीच अंतर को उजागर किया।
नगर निगम अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी तथा उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


